Wednesday , 23 June 2021

स्मार्ट सिटी बनाने के लिए काट दिए 6000 पेड़

भोपाल (Bhopal) . पर्यावरणविद् सुभाष सी पांडेय ने बताया कि 2003 और 2020 की गूगल इमेजरी की तुलना करने के बाद यह गंभीर तथ्य सामने आया है कि स्मार्ट सिटी क्षेत्र में लगभग 8500 छोटे-बड़े पेड़ थे, जिनमें से लगभग 80 फीसद यानी करीब 6000 पेड़ स्मार्ट सिटी बनाने के लिए काट दिए गए. एक पत्रकारवार्ता के दौरान पांडेय ने कहा ‎कि यदि प्लानिंग सही तरीके से की गई होती तो इसमें से 50 फीसद यानी करीब 3000 पेड़ बचाए जा सकते थे.

उन्होंने बताया कि धूल, प्रदूषण और भयंकर दुर्दशा के चलते बाकी बचे कुछ पेड़ों का जीवित बचना भी मुश्किल है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में जो पेड़ यहां हैं, उन्हें रसायन डालकर सुखाया जा रहा है, जो कि अत्यंत संवदेनशील और षड्यंत्रकारी घटना है. उन्होंने दस्तावेजों के माध्यम से बताया कि पर्यावरण संबंधी ‘सिया’ ने अनुमति देते समय स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन को दिशा-निर्देश दिए थे कि पहले पेड़ काटने का आकलन कर उससे चार गुना (guna) पेड़ इस क्षेत्र के आसपास लगाए जाएं. लगाए जाने वाले 30 हजार पेड़ दो मीटर ऊंचे होने चाहिए. इसके बाद स्मार्ट सिटी क्षेत्र में पेड़ काटे जाएं, लेकिन स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन ठीक इसका उल्‍टा कर रहा है. वह पहले पेड़ काट चुका है और बाद में अब पेड़ लगा रहा है.

उन्होंने बताया ‎‎कि एमएलए क्वार्टर्स की सड़क से लगे निचले हिस्से में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई कर निर्माण कार्य हुआ. नॉर्थ टीटी नगर के दायीं तरफ सड़क से सटे 45 फीसद पेड़ काट डाले गए हैं. टीन शेड के नीचे गैमन इंडिया वाले हिस्से में 70 फीसद पेड़ों की कटाई हुई है. साउथ टीटी नगर स्टेडियम के चारों ओर 75 फीसद पेड़ों की कटाई की गई है. पर्यावरणविद् सुभाष सी पांडेय एक बड़ा खुलासा यह भी किया है कि स्मार्ट सिटी क्षेत्र में लगे पेड़ों को शिफ्ट किया गया था. कलियासोत डैम के पास करीब 15 पेड़ शिफ्ट किए गए थे, जो पूरी तरह खानापूर्ति साबित हो रहे हैं, क्योंकि एक भी पेड़ वर्तमान में जीवित नहीं है. एनजीटी नई दिल्ली (New Delhi) ने अपने आदेश में स्मार्ट सिटी को अपने कुल क्षेत्र 342 एकड़ का 17 फीसदी ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित करने का आदेश दिया है. लेकिन स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन द्वारा इस दिशा में कुछ भी नहीं किया गया.

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