Sunday , 29 November 2020

6 महीने बाद अपने गढ़ में महाराज :  सिंधिया का स्वागत करेंगे उनके कट्टर विरोधी नेता, इस बार फिर देंगे कांग्रेस को बड़ा झटका


भोपाल . मध्यप्रदेश की २७ सीटों पर उपचुनाव होना है. उपचुनाव से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर से एक्टिव हो गए हैं. कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार अपने गढ़ ग्वालियर जा रहे हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया २२ अगस्त को तीन दिनों के दौरे पर ग्वालियर जा रहे हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी होंगे.

ग्वालियर ज्योतिरादित्य सिंधिया का गढ़ है. भाजपा में शामिल होने के बाद वो पहली बार यहां आ रहे हैं, ऐसे में भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि भाजपा एकजुट है इसलिए सिंधिया के दौरे को सफल बनाने के लिए ग्वालियर में सीएम शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के बड़े नेता भी शामिल होंगे. क्योंकि कांग्रेस लगातार आरोप लगाकर रही है कि सिंधिया और शिवराज के बीच तालमेल की कमी है. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सिंधिया के बोझ के तले भाजपा दबी जा रही है. ऐसे में पार्टी जनता को एकजुटता का संदेश देगी. सिंधिया और शिवराज पहली बार ग्वालियर में एक साथ होंगे.

कट्टर विरोधी भी साथ

हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने ग्वालियर-चंबल के उपचुनाव वाली सीटों को लेकर बैठक की थी. इस बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीएम शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे. इस दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा को कहा था कि उपचुनाव तक ग्वालियर में रहें. प्रभात झा को ज्योतिरादित्य सिंधिया का कट्टर विरोधी माना जाता है लेकिन अब सिंधिया भाजपा में हैं ऐसे में प्रभात झा को सिंधिया के साथ उपचुनाव में काम करना होगा.

कांग्रेस ने उठाए थे सवाल

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में इंदौर और उज्जैन का दौरा किया था. इस दौरान पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने उनपर हमला बोलते हुए कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर का दौरा क्यों नहीं करते हैं? बता दें कि ग्वालियर-चंबल की १६ सीटों पर उपचुनाव होना है. यहां भाजपा से ज्यादा ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. ऐसे में भाजपा और कांग्रेस का फोकस ग्वालियर-चंबल की विधानसभा सीटें हैं.

भाजपा में शामिल होंगे कार्यकर्ता

बताया जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस दौरे में कांग्रेस के करीब १० हजार कार्यकर्ता भाजपा की सदस्यता लेंगे. हालांकि पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने कहा कि भाजपा द्वारा किया जा रहा दावा गलत हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता भाजपा में शामिल नहीं होंगे.

भाजपा में शामिल होने के बाद पहला दौरा

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने १० मार्च को कांग्रेस से इस्तीफा दिया था और ११ मार्च को उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी. भाजपा में शामिल होने के बाद वो पहली बार ग्वालियर आ रहे हैं. हालांकि भाजपा में शामिल होने के बाद करीब चार बार मध्यप्रदेश का दौरा कर चुके हैं. लेकिन वो अभी तक ग्वालियर नहीं गए थे. अब तीन दिनों के दौरे पर सिंधिया ग्वालियर आ रहे हैं.

प्रभात झा ने सिंधिया को बताया था भाजपा का वंशज

जब सिंधिया ने धारा ३७० हटाने का समर्थन किया था तब भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा था- सिंधिया ने धारा ३७० हटाने का समर्थन कर साबित किया है कि वो राजमाता विजयाराजे सिंधिया के पौत्र हैं. सिंधिया भाजपा के परिवार के ही हैं वो कोई अलग परिवार के नहीं हैं. उनके पिता माधव राव सिंधिया ने पहला चुनाव जनसंघ के चुनाव चिन्ह पर ही लड़ा था. ज्योतिरादित्य सिंधिया वैसे तो राहुल गांधी ब्रिगेड के माने जाते हैं लेकिन राहुल गांधी से ज्यादा बड़ा उन्होंने भारत माता को माना है.