Saturday , 19 June 2021

जीपीएफ घोटाला के मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार, 14 करोड़ की प्रॉपर्टी भी की सीज

गोंडा . उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की गोंडा पुलिस (Police) ने सरकारी कर्मचारियों के कूट रचित पहचान पत्र बना कर जीपीएफ के नाम पर राजकीय धन का गबन करने के मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार किए हैं, जिनमें से तीन सरकारी कर्मचारी हैं. पुलिस (Police) ने आरोपियों के कब्जे से 26 लाख 75 हजार रुपये नगदी व 1 करोड़ 32 लाख खातों में फ्रीज कर चकबंदी विभाग के 25 कर्मचारियों की फर्जी आईडी सहित दो लैपटॉप एक कंप्यूटर चार सेट मोबाइल बरामद किए हैं.

फिलहाल पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस (Police) अधीक्षक शैलेश कुमार पांडे व डीआईजी राकेश सिंह ने यह जानकारी दी. पुलिस (Police) अफसरों ने बताया कि उन्हें गोपनीय सूचना मिली जनपद के नवाबगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक (Bank) के कुछ खाताधारकों के खाते में संदिग्ध धनराशि आ रही है, जिसमें नवाबगंज क्षेत्र के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक की मिलीभगत है. इस सूचना के आधार पर एसओजी टीम से जांच कराई गई मामले की पुष्टि होने के बाद नवाबगंज थाने में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की गई.

अफसरों ने बताया कि जांच के दौरान चकबंदी विभाग गोरखपुर में तैनात अरुण वर्मा स्वर्गीय मोहनलाल वर्मा भरवलिया बुजुर्ग आजाद नगर चेक थाना रामगढ़ ताल जनपद गोरखपुर जनपद बस्ती के हरैया तहसील में तैनात लेखपाल राजेश पाठक पटखौली थाना नवाबगंज गोंडा व स्टेट बैंक (Bank) के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक नान मून मौर्य मुरावन पुरवा वजीरगंज स्टेट बैंक (Bank) के लाइफ इंश्योरेंस एजेंट अरुण श्रीवास्तव इमलिया गुरदयाल कोतवाली नगर गोंडा तथा प्रदीप दुबे पूरे परसदा तरबगंज गुंडा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. बता दें कि इस मामले में अब तक 14 करोड़ रुपयों की प्रॉपर्टी सीज कर दी गई है.

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