Monday , 19 April 2021

कोरोना के बाद कोमा में गए युवक के दिमाग में मिले 400 खून के थक्के

नई दिल्ली (New Delhi) . कोरोना से ठीक हो रहे एक मरीज को वेंटिलेटर से हटाने के बाद डॉक्टर (doctor) उस समय हक्के-बक्के रह गए जब वह शख्स उठने की बजाय कोमा में चला गया. मरीज की जांच के बाद डॉक्टरों (Doctors) के उसके दिमाग में कई जगह सूजन दिखी और छोटे-छोटे 400 खून के थक्के भी मिले. हालांकि, 7 दिनों तक इलाज के बाद मरीज दोबारा होश में आया. इस स्थिति को दुनियाभर में कोविड एन्सेफलाइटिस के रूप में जाना जाता है. कोरोना (Corona virus) के आने से पहले इसे एक्यूट हैमरेज ल्यूकोएन्सेफलाइटिस के नाम से जाना जाता था. यह एक ऐसा दुर्लभ विकार है जो वायरल या बैक्टिरियल इन्फेक्शन के बाद होता है और इसकी वजह से मस्तिष्क-स्पाइन कॉर्ड में अचानक सूजन आ जाती है. यह नसों के माइलिन लेयर या मस्तिष्क के वाइट मैटर को नुकसान पहुंचाता है.

दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों (Doctors) का कहना है कि, भारत में कोविड एन्सेफलाइटिस का यह संभवतः पहला मामला है. जम्म के 55 वर्षीय शख्स मिथिलेश लबरू को कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण के बाद होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया था क्योंकि उनमें कोरोना के हल्के लक्षण दिख रहे थे. हालांकि, नवंबर महीने के शुरुआती दिनों में होम आइसोलेशन में रहने के 4 से 5 दिनों के अंदर ही उनकी स्थिति बिगड़ने लगी. इसके बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ की वजह से जम्मू (Jammu) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.

डॉक्टरों (Doctors) को पता लगा कि उन्हें निमोनिया हो गया जिसके बाद मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया. दिल्ली के अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों (Doctors) की टीम से संपर्क किया गया और मरीज की खराब हालत के बारे में बताया गया. मरीज को डायबिटिज और हाइपरटेंशन जैसी अन्य समस्याएं भी थी. फिर दिल्ली के डॉक्टरों (Doctors) की टीम जम्मू (Jammu) पहुंची और मरीज की स्थिति को स्थिर करने की कोशिश की. दो-तीन दिन की मेहनत के बाद मरीज को एयर एंबुलेंस (Ambulances) से दिल्ली लाना पड़ा. इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में मरीज को कोविड आईसीयू में डॉक्टर (doctor) राजेश चावला कि निगरानी में रखा गया.

Please share this news