Tuesday , 15 June 2021

26 मार्च भारत बंद को वामपंथी धर्मनिरपेक्ष दलों का समर्थन

भोपाल (Bhopal) . तीन कृषि कानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाये जाने की मांग को लेकर पिछले चार महीने से देश भर में चल रहे ऐतिहासिक किसान आंदोलन के आव्हान पर 26 मार्च को होने वाले भारत बंद का वामपंथी धर्मनिरपेक्ष दलों ने समर्थन किया है. उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर को शुरू हुए इए ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण आंदोलन को 26 मार्च को पूरे चार माह हो रहे हैं.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, सीपीआई(एमएल) की केंद्रीय कमेटी के सदस्य देवेंद्र सिंह चौहान, समानता दल के प्रदेशाध्यक्ष इंजीं. महेश सिंह कुशवाह, लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेशाध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा है कि देश की कृषि को कारपोरेट के हवाले करने और किसानों को उनकी ही जमीनों से बेदखल करने के साथ ही देश की अन्न सुरक्षा को खतरे में डालने वाले इन कानूनों का देश भर में विरोध हो रहा है. संसद में भी जिन राजनीतिक दलों ने पहले इन कानूनों का समर्थन किया था, अब इन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

इन दलों की ओर से कहा गया है कि यह कानून सिर्फ किसानों और कृषि के ही खिलाफ नहीं हैं बल्कि गरीब की रोटी को भी कारपोरेट की तिजोरी में बेद कर देने की साजिश का हिस्सा हैं. गरीब के मुंह के निवाले को छीनने वाले इन कानूनों का देश का हर तबका विरोध कर रहा है. वामपंथी धर्मनिरपेक्ष दलों ने कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार की निजीकरण की नीतियों का अब तो मुखर विरोध हो रहा है. बैंकों की दो दिवसीय सफल हड़ताल के बाद बीमा क्षेत्र की दो दिन की सफल हड़ताल ने भी संघर्षरत किसानों की आवाज में आवाज मिलाई है. वामपंथी धर्मनिरपेक्ष दलों ने देश के साथ ही मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में भी 26 मार्च के भारत बंद को सफल बनाने की अपील की है.

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