Thursday , 24 June 2021

एमएसपी पर गेहूं बेचने 24 लाख किसानों ने कराया पंजीयन

भोपाल (Bhopal) . मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेचने के लिए अब तक 24 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले साल से साढ़े चार लाख अधिक है. किसानों की सुविधा को देखते हुए 4,529 क्रय केंद्र रखे गए हैं.

गेंहू की खरीद 22 मार्च से शुरू होगी. इस बार समर्थन मूल्य पचास रुपये बढ़ाकर 1,975 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है. पहली बार गोदाम संचालकों को भी गेहूं खरीदने की प्रक्रिया में शामिल किया गया है. महिला स्व-सहायता समूह और कृषक उत्पादक समूह भी उपार्जन (क्रय) का काम करेंगे. सबसे पहले छोटे और मझोले श्रेणी के किसानों से खरीद होगी. बड़े क्षेत्र में खेती करने वाले 20 फीसद किसान ही शुरुआत में उपज बेच सकेंगे. इस बार रिकॉर्ड 135 लाख टन गेहूं खरीदने की तैयारी की गई है. कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और सहकारिता विभाग ने निर्देश दिए हैं कि मास्क लगाकर या गमछे से मुंह ढंककर ही किसान खरीद केंद्र पर आएं और शारीरिक दूरी का पालन करें. कोरोना गाइडलाइन का पालन अनिवार्य होगा.

गेहूं बेचने के लिए किसानों ने जितना क्षेत्र बताया है उसका सत्यापन तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों से करवाया गया है. चार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गेहूं बोने वाली सभी किसानों को इसके दायरे में लिया गया है. वन पट्टाधारी किसानों के रकबे (क्षेत्र) और फसल का सत्यापन वन विभाग से कराया गया है. किसानों को भुगतान में विलंब न हो, इसके लिए सीधे उनके खाते में भुगतान किया जाएगा. इसके लिए सभी से बैंक (Bank) खाते, आधार नंबर सहित अन्य जानकारी ली गई है. इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए खातों की जांच भी कराई गई है.

किसानों को भुगतान होने या असफल होने की सूचना एसएमएस के माध्यम से मिलेगी. सभी प्रक्रिया पूरी होने पर तीन दिन में भुगतान की व्यवस्था रहेगी. किसान उपार्जन से संबंधित समस्या टोल फ्री नंबर सीएम हेल्प लाइन नंबर 181 पर दर्ज करा सकते हैं. इसके निराकरण की जिम्मेदारी जिला आपूर्ति नियंत्रक या अधिकारी की होगी. वहीं, उपार्जन का काम बिना बाधा के चलता रहे इसके लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है. इसका नंबर 0755-2551471 है, जो सुबह आठ से रात आठ बजे तक संचालित रहेगा. जिला स्तरीय समिति भी रहेगी, जो सभी विवादों का अंतिम निराकरण करेगी. किसानों को यह सुविधा दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार उपज बेचने के लिए तीन तारीखें चुनकर बताएं. पंजीयन के समय सभी किसानों से ये तारीखें ली जा चुकी हैं.

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