Tuesday , 15 June 2021

पूरे देश में मामूली दर पर अपने जल के नमूनों की जांच करने के लिए 2,000 प्रयोगशालाओं को खोला गया

नई दिल्ली (New Delhi) . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा देश के प्रत्येक ग्रामीण घरों में 2024 तक, नियमित और दीर्घकालिक रूप से, पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित गुणवत्ता के साथ पीने योग्य नल-जल आपूर्ति का प्रवाधान करने वाले दृष्टिकोण और अभियान की दिशा में बहुत ही तेजी के साथ काम किया जा रहा रहा है. जिनके माध्यम से पेयजल के क्षेत्र में हमेशा के लिए बदलने आने की संभावना है उस प्रकार के परिवर्तनों में से एक, पूरे देश में लगभग 2,000 प्रयोगशालाओं को आम लोगों के लिए मामूली दर पर अपने जल के नमूनों की जांच करन के लिए खोल दिया गया है.

पानी के संयोजन वाले सभी स्रोतों के नमूनों को प्राप्त किया जाता है और जल गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट का सृजन ऑनलाइन किया जा रहा है और यह नागरिकों को संबंधित जन स्वास्थ्य अभियंता को उसकी एक प्रतिलिपि प्रदान करने के साथ-साथ भेजा जा रहा है क्योंकि अगर तत्काल कोई सुधारात्मक कार्रवाई करने की आवश्यकता हो तो किया जा सके और इसे केंद्रीय डाटाबेस में भी रखा जाता है जिससे इसकी निरंतर निगरानी और उपचारात्मक कार्रवाई की जा सके. इसके लिए पीएचईडी/ बोर्ड/ निगमों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है जिससे उनमें सही उपयोगिताओं का निर्माण किया जा सके.

ग्रामीण घरों तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में सभी प्रकार के प्रयासों को जारी रखते हुए, राज्य के अंतर्गत राज्य मुख्यालय, जिला, ब्लॉक/ सब डिवीजन जैसे विभिन्न स्तरों पर जल की गुणवत्ता का परीक्षण करने वाले प्रयोगशालाओं को प्रमाणीकृत किया जा रहा है और एनएबीएल मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है. कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) के दौरान मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया की शुरूआत बड़े पैमाने पर की गई है. कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) के दौरान, कोविड-19 (Covid-19) परीक्षण के लिए अपनाई गई आवश्यकता-आधारित नमूना एवं जांच प्रोटोकॉल को व्यापक रूप से स्वीकार किया है और उसकी सराहना की है.

Please share this news