Saturday , 26 September 2020

हिन्दुत्व के मुद्दे पर वर्चुअली एक मंच पर दिखे सुब्रमण्यम स्वामी और ओवैसी


नई दिल्ली (New Delhi) . भारतीय जनता पार्टी भाजपा के सांसद (Member of parliament) और फायरब्रांड नेता सुब्रमण्यम स्वामी और एआईएमआईएम के असादुद्दीन ओवैसी गुरुवार (Thursday) को डिजिटल मंच पर वर्चुअली एक बार फिर आमने-सामने दिखे. सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी भारत को हिंदू राष्ट्र नहीं बना रही है और संविधान भी इसकी अनुमति नहीं देता है. उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा हिंदुत्व की विचारधारा नहीं छोड़ेगी तब तक वह सत्ता में रहेगी.

स्वामी ने कहा कि कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों को एक कर और हिन्दुओं को विभाजित कर पूर्व में सरकारें बनाई हैं. उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से हिंदुओं को आपसी मतभेद भुलाकर समुदाय के रूप में एक होना चाहिए. विदेशी संवाददाताओं के क्लब की ओर से आयोजित एक डिजिटल सम्मेलन में स्वामी ने अपने विचार रखे जहां एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी को भी अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया गया था. उन्होंने कहा, ‘कई सालों से कांग्रेस हिन्दुओं को विभाजित करने और अल्पसंख्यकों को एक रखने में सफल रही और इसलिए वह समय समय पर बार-बार सरकार (Government) बनाने में सफल रही. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कथित तौर पर आर्य द्रविड़, जाति इत्यादि के ‘निरर्थक’ ऐतिहासिक विचारों के आधार पर हिंदुओं को विभाजित किया.

भाजपा नेता ने कहा कि हिंदुत्व की विचारधारा के कारण भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा है. उन्होंने कहा, ‘अगर हिंदुत्व की विचारधारा बनी रहेगी तो हम आगे भी चुनाव जीतेंगे. हमें आर्थिक प्रदर्शन से तब तक फर्क नहीं पड़ेगा जब तक यह बहुत ही ज्यादा खराब न हो जाए. स्वामी का विरोध करते हुए ओवैसी ने कहा कि भारत की सुंदरता उसकी विविधता में है. उन्होंने कहा लेकिन स्वामी, अपनी हिंदुत्व विचारधारा के लिए केवल उन लोगों की बात कर रहे हैं जो इस विचारधारा में यकीन रखते हैं. वह हिन्दुओं की भी चिंता नहीं करते.