Saturday , 15 May 2021

सौर ऊर्जा से जगमगाएगी माई की नगरी डोंगरगढ़

रायपुर (Raipur). छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में माई की प्रसिद्ध नगरी डोंगरगढ़ सौर ऊर्जा की दुधिया रोशनी से जगमगाएगी. केंद्र सरकार (Central Government)की प्रसाद योजना के तहत मिले 43 करोड़ रुपये में विकसित की जाने वाली सुविधाओं में शामिल श्रीयंत्र की डिजाइन वाले हिस्से में रोशनी के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा. साढ़े नौ एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधा वाले हिस्से में रोशनी के लिए विद्युत नहीं बल्कि सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके लिए अलग से सोलर पावर प्लांट बनाया जाएगा. इसके माध्यम से सड़क बत्तियों के साथ ही वाटर हिटर व अन्य उपकरण भी सौर ऊर्जा से ही चलाए जा सकेंगे. धर्मनगरी डोंगरगढ़ में जल्द ही बहुप्रतीक्षित प्रसाद योजना का काम शुरू होने जा रहा है. श्रीयंत्र की आकर्षक डिजाइन पर विकसित की जाने वाली पर्यटन सुविधाओं के तहत जो अधोसंरचना खड़ी की जाएंगी, वहां सौर ऊर्जा से ही रोशनी की जाएगी.

क्रेडा के माध्यम से डोंगरगढ़ में ऊपर पहाड़ी व अन्य हिस्सों में सौर ऊर्जा से सड़क बत्तियां पहले से ही जलाई जा रही है, लेकिन प्रसाद योजना के तहत होने वाले कामों में सड़क बत्तियों के अलावा जरूरी उपकरणों का संचालन भी सोलर पावर से ही किया जा सकेगा. मोतीपुर से मुसरा होकर डोंगरगढ़ जाने वाले पदयात्री मार्ग में 1000 सोलर लाइटें जगमगा रहीं हैं. 35 किलोमीटर लंबे मार्ग में बीच-बीच में सोलर प्लेट वाला कंट्रोल रूम भी क्रेडा विभाग द्वारा बनवाए गए हैं. अब प्रसाद योजना के तहत डोंगरगढ़ पहुंचने वाले सभी प्रमुख मार्गों में सड़क के दोनों तरफ रोशनी के लिए भी सोलर पावर का इस्तेमाल किया जाएगा. परियोजना में चार प्रमुख मार्गों का ऊर्जीकरण सौर ऊर्जा से करना शामिल है. इनमें चिचोला से डोंगरगढ़, तुमड़ीबोड़ से डोंगरगढ़, बोरतलाव से डोंगरगढ़ व खैरागढ़ मार्ग से डोंगरगढ़ वाला मार्ग शामिल है.

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