Saturday , 15 May 2021

सोयाबीन में नहीं लगी फली, क्षतिपूर्ति के दिए आदेश

भोपाल (Bhopal) . ‎जिले की बैरसिया तहसील के एक किसान की सोयाबीन की फसल में फली नहीं लगी तो उपभोक्ता फोरम ने ‎किसान को हुई क्षतिपूर्ति के आदेश सुनाए हैं. दरअसल ‎किसान ने सेवा सहकारी समिति मर्यादित से सोयाबीन का बीज 4937 स्र्पये में खरीदा था.

किसान ने वही सोयाबीन का बीज अपने खेत में बोया और सहकारी समिति द्वारा बताए गए डीएपी खाद का छिड़काव किया. किसान ने शिकायत में बताया कि उसने काफी लगन और मेहनत से कार्य किया, लेकिन बोए गए बीज खराब व निम्न स्तर के होने के कारण सोयाबीन की पौधे तो उगे, लेकिन फसल में फलन नहीं आई. इसकी शिकायत किसान ने जिला उपभोक्ता उपभोक्ता आयोग में 12 जून 2013 में की. आयोग ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाया और सेवा सहकारी समिति को करीब 10 हजार स्र्पये लौटाने के आदेश दिए. दरअसल, बैरसिया के गढ़कलां निवासी दिलीप सिंह ने सेवा सहकारी समिति मर्यादित और मप्र राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम के खिलाफ याचिका लगाई थी. आयोग ने सहकारी समिति को निर्देश दिए कि दो माह के अंदर डीएपी खाद एवं सोयाबीन बीज का मूल्य 4937 स्र्पये 6 प्रतिशत ब्याज की दर से राशि देनी होगी. साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति राशि 3 हजार स्र्पये और वाद व्यय की राशि 2 हजार स्र्पये भी देना होगा.

सहकारी समिति ने अपना पक्ष रखा कि उसने बीच मप्र राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम द्वारा निरीक्षण किया जाता है. इस पक्ष को आयोग ने खारिज करते हुए कहा कि फसल का निरीक्षण शासन द्वारा निर्धारित कमेटी, जिसमें तकनीकी अधिकारियों व वैज्ञानिक एवं बीज उत्पादन की विशेषज्ञत रखता हो उनसे निरीक्षण नहीं कराया गया. जिससे पता चल सके कि किस कारण फसल में फलन नहीं हुआ. फोरम ने कहा है कि गुणवत्ताहीन बीज का विक्रय की सहकारी समिति ने सेवा में कमी की है.पक्षकार की वकील संभावना राजपूत ने किसान का पक्ष रखते हुए सरपंच और ग्रामवासियों द्वारा बनाया गया पंचनामा भी प्रस्तुत किया. जिसमें लिखा है कि किसान का करीब 90 प्रतिशत फसल को नुकसान हुआ है. शिकायत में यह भी बताया गया है कि खेत में बोए गए बीज खराब व निम्न स्तर के होने के कारण उसमें फसल नहीं आई.

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