Friday , 14 May 2021

सीसीटीव्ही लगे कमरों में बैठने से परहेज

जबलपुर, 16 जनवरी . मप्र आर्युविज्ञान विश्वविद्यालय (एमयू) के अधिकारियों में इन दिनों तीसरी आंख की दहशत देखी जा रही है. तीसरी आंख यानी सीसीटीव्ही अधिकारियों में इस तरह की दहशत का माहौल है कि वे सीसीटीव्ही लगे कमरों में बैठने से भी परहेज कर रहे हैं, फिर भले ही एक टेबल पर एक की जगह तीन कुर्सियां लगाकर बैठना पड़े. सीसीटीव्ही लगे कैमरों में बैठने से अधिकारी क्यों परहेज कर रहे हैं इसकी वजह कोई बताने को तैयार नहीं हालांकि अधिकारियों के इस रवैए के चलते एमयू में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्मा है.

ऐसे कैसे आएगी पारदर्शिता…………

बताते हैं कि प्रबंधन द्वारा पूर्व में यहाँ पर मिल रहीं अनियमितताओं की शिकायत के मद्देनजर अधिकारियों-कर्मचारियों के संयत आचरण के साथ विवि कर्मियों की कार्यशैली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लगाए गए थे लेकिन प्रबंधन की मंशा से अधिकारियों को कोई विशेष सरोकार नहीं. जिसके चलते आलम ये है कि सीसीटीव्ही लगे कमरों अच्छी खासी जगह होने के बावजूद विवि के अधिकारी उन कमरों में बैठने भी तैयार हैं जहाँ एक दो अधिकारियों से ज्यादा नहीं बैठ सकते. स्थिति ये है कि नगर निगम छोटे जोन कार्यालय की तरह अधिकारी एक दो टेबलों में ही दो से चार कुर्सियां लगाकर बैठे हैं. कभी कभी स्थिति यह हो जाती है कि किसी एक अधिकारी को उठ कर बाहर जाना हो तो तीन अन्य को भी उठने विवश होना पड़े. वे सीसीटीव्ही कमरों में बैठने की बजाए तंग जगहों पर बैठना ज्यादा बेहतर महसूस कर रहे हैं. इसकी वजह बताने से अधिकारी क्यों परहेज करते हैं इस बात का आभास नव आगंतुकों को भी कुछ देर में हो जाता है.

तीसरी नजर से हैं परेशान…………..

सीसीटीव्ही कैमरों से परहेज करने वाले अधिकारियों का कहना है कि वे उन पर तीसरी नजर रख रहे अधिकारी की नजरों से बचने ऐसा करने विवश हैं. उनका कहना है कि कौन अधिकारी किसके साथ बैठा है, क्यों बैठा है, इस बात की पड़ताल तीसरी नजर रखने वाले अधिकारी द्वारा तत्काल कर ली जाती है जिससे परेशान होकर वे सीसीटीव्ही लगे कमरों से परहेज करते हैं. दूसरी तरफ एमयू सूत्रों का कहना है कि इसकी वजह कुछ और है. सूत्रों का कहना है कि सीसीटीव्ही लगे कैमरों में बैठने से वे अधिकारी ही परहेज कर रहे हैं जो विवि में सिर्फ दूसरे उद्देश्य से आए हैं. सूत्रों का कहना है कि सीसीटीव्ही लगे कमरों में बैठकर निजी लाभ की बातें नहीं की जा सकतीए यही वजह है कि कुछ अधिकारी सीसीटीव्ही लगे कमरों में बैठने से परहेज कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि इससे उनके आने जाने के समय के साथ कार्यालय में कार्य करने या न करने की भी खबर तीसरी नजर रखने वाले अधिकारियों को न मिल पाए इस वजह से भी कुछ अधिकारी सीसीटीव्ही लगे कमरों से परहेज कर रहे हैं.

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