Sunday , 20 September 2020

सितंबर के पहले दिन कोरोना के कहर में दिखी कमी, पिछले 24 घंटे में 70 हजार के करीब केस, 819 मौतें

नई दिल्ली (New Delhi) . स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के 69,921 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 819 लोगों की मौत हुई है. देश में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 36,91,167 हो गई है, जिसमें 7,85,996 सक्रिय मामले, 28,39,883 डिस्चार्ज हो चुके हैं. अब तक कोरोना से कुल 65,288 मौतें हुई हैं. इससे पहले सोमवार (Monday) को कोरोना के 78 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए थे. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में रिकवरी रेट अब 74 फीसदी (21 अगस्त को 74.28% रिकवरी) से अधिक हो चुकी है.

33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रिकवरी रेट 50 फीसदी से पार है. मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश में कोरोना से मृत्यु की दर दुनिया के औसत से कम है और इसमें लगातार गिरावट आ गई है. कोरोना मृत्यु दर अब 1.89 फीसदी है. स्टेट बैंक (Bank) ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने एक ताजा विश्लेषण में दुनिया के दूसरे देशों का जो उदाहरण दिया है उसके मुताबिक भारत भी अब बेहतरी की ओर बढ़ रहा है. एसबीआई ने 17 अगस्त को जारी रिपोर्ट में कहा है भारत में 30 जुलाई से 15 अगस्त के बीच 10 लाख केस दर्ज किए गए यानी प्रतिदिन औसतन 58 हजार केस. अब भी एक बड़ा सवाल है कि भारत कब पीक पर पहुंचेगा?

कुछ देशों के पीक डेटा और रिकवरी रेट के आधार पर हम मानते हैं कि भारत तब पीक पर पहुंचेगा जब रिकवरी रेट 75 फीसदी के पार हो जाए. विभिन्न देशों का औसत यही है. कोरोना से मौत के मामले में भारत मैक्सिको को पछाड़ कर पूरी दुनिया में अब तीसरे नंबर पर पहुंच गया है. भारत में 65,288 मौतें हुई हैं, वहीं मैक्सिको में 64,158 मौतें हुई हैं. कोविड-19 (Covid-19) के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार (Government) लगातार टेस्टिंग बढ़ाने की बात कर रही है. सरकार (Government) रोजाना दस लाख टेस्टिंग करने पर फोकस है. भारत ने 21 अगस्त और 30 अगस्त को एक दिन में दस लाख से ज्यादा टेस्टिंग की है.

भारत में कोरोना संक्रमण के नए केस दुनिया के अन्य सभी देशों के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं. देश में हफ्तेभर के भीतर पांच लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. आखिर देश में कोरोना संक्रमण इतनी तेजी से क्यों फैल रहा है? इस सवाल के जवाब में विशेषज्ञों का कहना है कि जांच में इजाफा, अर्थव्यवस्था का फिर से खुलना और कोविड-19 (Covid-19) के खतरे की ओर ध्यान नहीं देते हुए लोगों के भीतर इस संक्रमण संबंधी व्यवहार को लेकर आत्मसंतुष्टि की भावना पैदा होने के कारण केस इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं.