Saturday , 15 May 2021

सात दिवसीय मकर संक्रांति मेले की भंडारे के साथ भव्य पूर्णाहूति

गुना (guna) . सप्त दिवसीय मकर संक्रांति महोत्सव के तहत मुहालपुर सिद्धेश्वर गुफाओं पर भव्य पूर्णाहूति के साथ भंडारा संपन्न हुआ. विराट हिन्दू उत्सव समिति के संस्थापक पुराविद कैलाश मंथन के मुताबिक 11 जनवरी से 17 जनवरी तक लगने वाले मकर संक्रांति मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने भागीदारी की. मेले के समापन के अवसर पर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने सिद्धेश्वर नाथ के दर्शन कर भंडारे में महाप्रसादी ग्रहण की. रविवार (Sunday) को 41 वें मेले के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में संत, महंत, साधुगण, श्रद्धालुओं ने श्रीअखंड रामायण एवं धाॢमक अनुष्ठानों की पूर्णाहूति की. मुहालपुर सिद्धेश्वर गुफा संस्थान के प्रवक्ता कैलाश मंथन ने बताया कि व्यवस्थाओं में ग्रामीणों एवं धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भंडारे में विशेष योगदान दिया.

प्राचीन क्षेत्र को संरक्षित करने प्रशासन को लिखा पत्र

हिउस तहत के इस अवसर पर एक प्रस्ताव में मुहालपुर, केदारनाथ प्राचीन क्षेत्रों को संरक्षित करने एवं पर्यटन स्थल बनाए जाने की मांग क्षेत्रीय निवासियों एवं साधु-संतों ने की. इस अवसर पर संत समिति एवं हिउस की बैठक आयोजित की गई. बैठक में इस आशय का एक पत्र पुरातत्व संघ के सदस्य पुराविद् कैलाश मंथन के माध्यम से जिला प्रशासन को प्रेषित किया गया. मालपुर की पहाडिय़ों पर करीब 150 गुफाओं एवं प्राचीन धार्मिक स्थल केदारनाथ को पर्यटन स्थल बनाए जाने की मांग जिला पुरातत्व संघ के सदस्य एवं विराट हिन्दू उत्सव समिति के प्रमुख कैलाश मंथन ने की है. हिउस संस्थापक कैलाश मंथन ने भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि मालपुर, केदारनाथ, बीस भुजा भवानी, बजरंगगढ़ गुना (guna) जिले अति प्राचीन सिद्ध स्थलों पर लाखों श्रद्धालु यात्रा करने पहुंचते हैं. शिवरात्रि, नवरात्रि के दौरान दस लाख से अधिक यात्री इन स्थलों पर मत्था टेकने पहुंचते हैं. लेकिन सुविधाओं का अभाव होने से यात्रियों (Passengers) को भारी कष्ट होता है. संक्रांति पर्व पर मालपुर एवं केदारनाथ में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए हिउस के संस्थापक कैलाश मंथन ने कहा प्राचीन स्थल गुना (guna) जिले की विरासत का एक अंग है इसकी सुरक्षा पुरातत्व विभाग एवं प्रदेश सरकार प्रशासन को करना चाहिए.

Please share this news