Friday , 26 February 2021

सरकार ने आपरेटिंग कॉस्ट में हेराफेरी करके रेलवे को 3773.86 करोड़ के फायदे में दिखाया : कैग


-कैग के इस निष्कर्ष पर भारतीय रेलवे (Railway)ने जताई आपत्ति

नई दिल्ली (New Delhi) . नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने हाल ही में संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार (Government) ने आपरेटिंग कॉस्ट में हेरफेर करके रेलवे (Railway)को गलत तरीके से फायदे में दिखाया है. कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे (Railway)ने अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर दिखाने के लिए भविष्य की कमाई को अपने खाते में जोड़कर दिखाया.

कैग के मुताबिक रेलवे (Railway)ने वर्ष 2018-19 में कमाई के आंकड़ों को गलत तरीके से पेश कर रेलवे (Railway)ने 3773.86 करोड़ रुपए फायदा दिखाया. असल में इस वित्त वर्ष में उसका ग्रोथ नेगेटिव रहा है. रेलवे (Railway)ने अगर सही आंकड़े दिखाए होते तो उसे करीब 7334.85 करोड़ का नुकसान होता. सीएजी की इस टिप्पणी से रेलवे (Railway)बोर्ड नाराज है और उसने इसे हटाने की मांग की है. रेलवे (Railway)के एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी की जरूरत नहीं थी क्योंकि यही स्टैंडर्ड अकाउंटिंग प्रैक्टिस रही है.

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2018 में एडवांस फ्रेट पॉलिसी शुरू की गई थी. वित्त वर्ष 2018 में भी एडवांस फ्रेट को शामिल किया गया था. इसलिए यह मेरी समझ से बाहर है कि इस तरह की टिप्पणी क्यों की गई. सीएजी की रिपोर्ट में कहा भी गया है कि रेलवे (Railway)ने वर्ष 2018-19 में अपना ऑपरेटिंग रेश्यो 97.29 फीसदी दिखाया है. हालांकि बजट अनुमानों के मुताबिक रेलवे (Railway)को अपना ऑपरेटिंग रेशियो 92.8 फीसदी रखना था. फिर भी जो आंकड़े रेलवे (Railway)की तरफ से दिखाए गए उसके लिए गलत तरीका अपनाया गया. भविष्य की कमाई के आंकड़ों को भी शामिल किया.

रेलवे (Railway)ने एनटीपीसी और कान्कर से भविष्य में मिलने वाले 8,351 करोड़ का माल भाड़ा अपने खाते में जोड़ा. इस तरह से खातों में रेलवे (Railway)की कमाई ज्यादा दिखाई गई. अगर ऐसा नहीं किया जाता तो असल में रेलवे (Railway)का ऑपरेटिंग रेश्यो साल 2018 के लिए 101.77 होता. यानी उस दौरान रेलवे (Railway)ने 100 रुपये कमाने के लिए करीब 102 रुपये खर्च किए. ऑपरेटिंग रेश्यो से ही रेलवे (Railway)की आर्थिक दशा का अंदाजा लगाया जा सकता है.

रेलवे (Railway)ने सीएजी को एक पत्र भेजकर इस टिप्पणी को हटाने का अनुरोध किया है. इसमें कहा गया है कि रेलवे (Railway)ने एडवांस फ्रेट पॉलिसी बनाई है जो रेलवे (Railway)और स्टेकहोल्डर्स दोनों के लिए फायदेमंद है. रेलवे (Railway)के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सीएजी की टिप्पणी उचित नहीं है. रेलवे (Railway)को सामाजिक सेवा के दायित्वों को पूरा करने के साथ-साथ अपने कर्मचारियों का वेतन और पेंशन भी देनी पड़ती है. पिछले कुछ सालों में रेलवे (Railway)के कामकाज में सुधार हुआ है लेकिन सातवें पे कमीशन को लागू करने से सेलरी और पेंशन का बिल बढ़ गया है.

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