Thursday , 1 October 2020

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह चीनी समकक्ष से करेंगे मुलाकात

नई दिल्ली (New Delhi) . लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल एलएसी पर जारी तनाव के बीच शाम रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की चीनी समकक्ष वेइ फेंघे से मुलाकात होगी. रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन की बैठक के इतर दोनों नेताओं में बातचीत होगी. मई 2020 में चीनी सेना द्वारा पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर यथास्थिति में एकतरफा बदलाव किए जाने के बाद से पहली बार इस स्तर की राजनीतिक मुलाकात होगी. दिल्ली और मॉस्को में मौजूद इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इस बैठक का प्रबंध किया है ताकि लद्दाख में मौजूदा स्थिति से निकलने का रास्ता निकल सके, जहां दोनों सेनाएं पूर्ण क्षमता के साथ आमने-सामने खड़ी हैं.

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव पूर्वी एशिया नवीन श्रीवास्तव की मॉस्को में मौजूदगी से यह तय है कि चर्चा का विषय लद्दाख तनातनी ही है. श्रीवास्तव ने भारत-चीन सीमा मामलों में परामर्श और समन्वय को लेकर मौजूदा तंत्र के तहत अपने चाइनीज समकक्ष से कई बार बातचीत की है. दो रक्षामंत्रियों के बीच यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह नरेंद्र मोदी सरकार (Government) में नंबर दो हैं और बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष हैं. वहीं, जनरल वेई मिसाइल फोर्स के पूर्व कमांडर, स्टेट काउंसलर और शक्तिशाली सेंट्रल मिलिट्री कमिशन के सदस्य हैं. का ही पीएलए पर नियंत्रण है, जिसके मुखिया राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं.

इस मुलाकात के बाद इसी मंच पर 10 सितंबर को विदेश मंत्री एस जयशंकर की चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की संभावना है. भारत और चीन के बीच मंत्री स्तरीय बातचीत ऐसे समय पर हो रही है जब पीएलए और भारतीय सेना लद्दाख और अधिकृत अक्साई चिन में टकराव की स्थिति में हैं. शुरुआत में मई और जून में पीएलए ने पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर कुछ बढ़त हासिल की थी, लेकिन भारतीय सेना ने दक्षिणी किनारे पर ऊंचाई वाले इलाकों पर नियंत्रण करके चीनी सेना पर रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है. भारतीय सेना ने तीनों ही बार चीन के मंसूबों को नाकाम किया है. 15 जून को दोनों सेनाओं में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. चीन ने हताहत हुए सैनिकों की संख्या का खुलासा नहीं किया है.