Wednesday , 14 April 2021

मोहल्ला क्लास बन रही बच्चों की पढ़ाई का आधार

पांढुर्णा . कोराना के प्रकोप ने इस साल स्कूल की पूरी गतिविधियों को बदल कर रख दिया है. स्कूल बंद होने के कारण आनलाइन कक्षाएं लेने का विकल्प सुझाया गया. यह शुरू भी हुआ लेकिन ज्यादा सफल नहीं. क्योंकि कई ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के पास एंड्रायड मोबाइल नहीं थे. जिनके पास थे तो वहां नेटवर्क की समस्याथी ऐसे में मोहल्ल क्लास लगाने का सुझाव अमल में लाया गया और यह सफल रहा. गावों के विद्यार्थियों को इससे पढ़ाई में काफी लाभ मिला.

पांढुर्णा क्षेत्र में स्कूली बच्चों के लिए यह व्यवस्था वरदान साबित हो रही है विकासखंड के बच्चों को मोहल्ला क्लास के जरिए अध्ययन करा कर उनके 1 वर्ष को बचाने का प्रयास शिक्षक शिक्षिकाएं छात्रों के घरों में पहुंचकर मोहल्ला क्लास लेते हुए कर रही है.

ऐसी ही मोहल्ला क्लास ग्राम सिराठा में चल रही है.यहां शिक्षिका संगीता परतेती ग्राम के एक घर में मोहल्ला क्लास ले रहींहे. ðं कई लड़के लड़कियां बड़े बारीकी से अपना अध्ययन में लीन नजर आए अध्ययन में किसी प्रकार की कठिनाई आने पर शिक्षिका से जवाब तलब करतेभी देखे गए. बच्चे भी इस कक्षा में खुश नजर आए और पढ़ाई ठीक चलने की बात कही. बच्चों के घरों में एंड्राइड मोबाइल नहीं होने की सूरत (Surat) में की गई शिक्षा विभाग की व्यवस्था की ग्रामीणों ने तारीफ की.

विकासखंड शिक्षा अधिकारी लहू सरोदे से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड के मात्र 40प्रतिशत बच्चों के परिवारों के पास एंड्राइड मोबाइल है परंतु 60 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं जिनके घर में एंड्राइड मोबाइल नहीं ह. उन बच्चों को ध्यान में रखकर ही मोहल्ला क्लास की शुरुआत की गई थी जिसके परिणाम भी संतोषप्रद प्राप्त हो रहे हैं. सप्ताह भर अध्ययन के पश्चात शनिवार (Saturday) को इन बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है जिससे बच्चों का सामान्य ज्ञान ही बढ़ता रहे. शिक्षा अधिकारी के अनुसार मोहल्ला क्लास में नियमितता बनी रहे इसके लिए शिक्षक शिक्षिकाओं को गूगल शीट फॉर्म प्रतिदिन भरना होता है जिससे की गई पढ़ाई का अनुमान लगाया जाता है साथ ही नई पद्धति एम शिक्षामित्र के तहत रिपोर्ट भी निकाली जाती है जो व्हाट्सएप ग्रुप में डाल कर उसका भी अनुमान अध्ययन में सटीक लगाने का प्रयास किया जाता है

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