Thursday , 13 May 2021

मोदी सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाएगी

नई दिल्ली (New Delhi) . ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का उद्घोष करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को केंद्र सरकार (Central Government)ने हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का अहम फैसला किया है. इस बाबत भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है. 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन मनाया जाता है. बता दें कि 23 जनवरी 2021 को सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती है. इसी दिन से केंद्र सरकार (Central Government)सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाएगी.

संस्कृति मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में लिखा है कि, “भारत के लोग नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती वर्ष में इस महान राष्ट्र के लिए उनके अतुल्य योगदान को याद करते हैं. भारत सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती 23 जनवरी 2021 से आरंभ करने का निर्णय लिया है ताकि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनका सत्कार किया जा सके.” संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक नेताजी की अदम्य भावना और राष्ट्र के लिए उनके नि:स्वार्थ सेवा के सम्मान में उनको याद रखने के लिए भारत सरकार ने हर साल 23 जनवरी पर उनके जन्मदिन को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है. इससे देश के लोगों विशेषकर युवाओं को विपत्ति का सामना करने में नेताजी के जीवन से प्रेरणा मिलेगी और उनमें देशभक्ति और साहस की भावना समाहित होगी. बता दें कि इस साल पश्चिम बंगाल (West Bengal) का विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) भी है. इस दरम्यान केंद्र बंगाली अस्मिता के बड़े नायक सुभाष चंद्र बोस की जयंती को धूमधाम से मनाने का फैसला किया है. इसके राजनीतिक निहितार्थ भी हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 23 जनवरी को खुद पश्चिम बंगाल (West Bengal) जा रहे हैं. इस दौरान वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता (Kolkata) में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे और नेताजी सुभाष मेमोरियल संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे.

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