Thursday , 4 March 2021

मेंटेना को भुगतान करने वाले छिंदवाड़ा के दो ईई सस्पेंड, बैतूल में भी गिर सकती है गाज..!

बैतूल /नवल-वर्मा. गढा़ जलाशय की ठेका कम्पनी मेंटाना कंस्ट्रक्शन के चेयरमैन श्रीनिवास राजू मेंटाना और उनके सहयोगी आदित्य त्रिपाठी को बुधवार (Wednesday) को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद जल संसाधन विभाग के प्रोजेक्ट में एडवांस पेमेंट किए जाने को लेकर छिंदवाड़ा के दो ई ई को गुरुवार (Thursday) को सस्पेंड किए जाने का मामला सामने आया. यहाँ पर उक्त कम्पनी को बिना काम किए ही करोड़ो रूपए का एडवांस पेमेंट किया गया था, पेमेंट होने के बाद भी उक्त कम्पनी ने कोई काम नहीं किया. छिंदवाड़ा की तरह ही मेंटाना कंस्ट्रक्शन को बैतूल जिले में भी गढा़ जलाशय परियोजना में एक मोटी रकम एडवांस के रूप में दी गई. जिस तरह छिंदवाड़ा में जल संसाधन विभाग के दो ई ई पर निलंबन की गाज गिरी है उसे देखते हुए बैतूल में भी कम्पनी को एडवांस भुगतान करने वाले ई ई पर भी कार्रवाई की संभावना प्रशासनिक हल्के में जताई जा रही है.

– ई टेंडर घोटाले में उलझी है कम्पनी …

शिवराज सिंह चौहान की पिछली सरकार में ई-टेंडर घोटाला हुआ था इसमे करीब आधा दर्जन निर्माण कम्पनियों का नाम आया था. कमलनाथ सरकार ने इस मामले में ई ओ डब्ल्यू से जांच शुरू करवा कर मामला दर्ज किया था. इसी दौरान लोकसभा (Lok Sabha) चुनाव के दौरान छापे पड़े जिसमें चुनाव में काले धन के लेनदेन का मामला सामने आया था. इस मामले ईडी को जांच दी गई. अभी कुछ दिन पहले ईडी में पूर्व सीएस गोपाल रेड्डी और राजू मेंटाना के ठिकानों पर छापे मारे थे. इसी सिलसिले में बुधवार (Wednesday) को गिरफ्तारी भी हुई.

— ईडी के बाद सरकार भी हुई सक्रिय …

जैसे ईडी ने अपना शिकंजा कसना शुरू किया तो सरकार भी सक्रिय नजर आने लगी. जब यह सामने आया कि मेंटाना को हर प्रोजेक्ट में एडवांस भुगतान किया गया और यह सुविधा केवल इस कम्पनी को ही हासिल है. एडवांस पेमेंट लेने के बाद भी छिंदवाड़ा, शिवपुरी (Shivpuri)और बैतूल जैसे प्रोजेक्ट में प्रोग्रेस निल ही रही. इस स्थिति में सरकार ने छिंदवाड़ा के दो ई ई को सस्पेंड कर दिया अब यही स्थिति बैतूल के गढा़ जलाशय प्रोजेक्ट में भी होने से यह सम्भावना है कि यहाँ भी जिम्मेदार अफ़सर पर गाज गिरना तय है.

– बॉक्स …
– 60 करोड़ अदा करने पर भी गढा का भविष्य अंधकार मे…

यही हैदराबाद की मेंटाना कम्पनी ही गढा जलाशय की ठेकेदार हैं. इस ठेका कम्पनी को पिछले सवा साल में करीब 60 करोड़ का भुगतान किया जा चुका. 250 करोड़ की इस परियोजना में अभी तक कम्पनी से मौके पर कोई काम ही नहीं किया उसे 60 करोड़ का भुगतान एडवांस में किया गया. अब जिस तरह से ईडी की जांच में यह कम्पनी उलझ गई है. उसके बाद उसकी गढा़ जैसी परियोजनाओं के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं.

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