Friday , 14 May 2021

भारत की वैक्सीन की दूसरे देशों में सप्लाई में अभी हो सकती है देरी, पाक को भी मिलेगी?

नई दिल्ली (New Delhi) . कोरोना के खिलाफ भारत में वैक्सीनेशन का अभियान शुरू हो गया. ऐसे में भारत अपने सहयोगी और पड़ौसी देशों को भी टीके की गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट सप्लाई करेगा लेकिन इसमें अभी कुछ समय लग सकता है. देश की जरूरत का आकलन करने के बाद अन्य देशों को वैक्सीन सप्लाई के बारे में फैसला किया जाएगा. हालांकि, भारत की कोशिश होगी कि जिन पड़ोसी देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने का वादा किया गया है, उन्हें जल्द से जल्द आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. सूत्रों ने कहा कि ब्राजील ने सीधे सीरम इंस्टिट्यूट से करार के तहत वैक्सीन हासिल की. इस तरह की व्यवस्था कुछ अन्य देशों के साथ भी हो सकती है, लेकिन गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट प्रक्रिया का आकलन किया जा रहा है. भारत पहले ही भरोसा दे चुका है कि टीका उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग कोविड संकट से लड़ने में समस्त मानवता के लाभ के लिए किया जाएगा. भारत में उत्पादन और वैक्सीन उपलब्धता का आकलन किया जा रहा है. कई पड़ोसी देश भारत से जल्द वैक्सीन हासिल करने के लिए दबाव बना रहे हैं. इनमें नेपाल, बांग्लादेश, मालदीव आदि शामिल हैं. सूत्रों ने कहा कि जैसे ही एक बार देश में वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया सहज हो जाएगी. अन्य देशों को भी वादे के अनुरूप सप्लाई शुरू कर दी जाएगी.

आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान को भारत में तैयार हो रहे वैक्सीन का लाभ मिलने की संभावना ना के बराबर है. इसका कारण है दोनों देश के बिगड़ चुके रिश्ते. हालांकि आपको बता दें कि चीन के वुहान शहर में जब पाकिस्तान ने अपने छात्रों को उनके हाल पर छोड़ दिया था, तब उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मदद गुहार लगाई थी. भारत ने मानवता की मिशाल पेश करते हुए मदद की पेशकश की थी. भारत में आज दो-दो वैक्सीन के साथ कोरोना टीकाकरण अभियान की शरुआत होने जा रही है. वहीं, पाकिस्तान में अभी तक टीके खरीदने को निर्यात के लिए अंतिम ऑर्डर दिए हैं और न ही किसी वैक्सीन बनाने वाली कंपनी से सप्लाई को लेकर कोई बात की गई है. बात-बात पर भारत को चुनौती देने वाली इमरान खान की सरकार इस मामले में काफी पीछे चल रही है.

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