Thursday , 13 May 2021

बैंकों का ऋण चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह में 3.2 फीसदी बढ़ा

मुंबई (Mumbai) . देश की बैंकों में कर्ज का भार बढ़ रहा है. चालू वित्त वर्ष 2020-21 के पहले नौ माह (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान बैंकों का ऋण 3.2 प्रतिशत बढ़कर 107.05 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में बैंकों का ऋण 2.7 प्रतिशत बढ़ा था. वहीं 27 मार्च, 2020 को समाप्त पखवाड़े में बैंकों का अग्रिम 103.72 लाख करोड़ रुपये रहा था. भारतीय रिजर्व बैंक (Bank) के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह में बैंकों की जमा 8.5 प्रतिशत बढ़कर 147.27 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई. इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में बैंकों की जमा में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. बैंकों को निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता है. इस वजह से बैंकों की जमा में बढ़ोतरी हुई है. आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी, 2021 को समाप्त पखवाड़े में सालाना आधार पर बैंकों का ऋण 6.7 प्रतिशत और जमा 11.5 प्रतिशत बढ़ी है.

केयर रेटिंग्स ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि बैंकों की ऋण वृद्धि महामारी (Epidemic) के शुरुआती महीनों के स्तर पर पहुंच गई है. मार्च और अप्रैल, 2020 में बैंकों की ऋण वृद्धि औसतन 6.5 प्रतिशत रही थी. एक जनवरी, 2021 को समाप्त पखवाड़े में बैंकों की यह ऋण वृद्धि 18 दिसंबर, 2020 को समाप्त पखवाड़े की तुलना में हुई है. इसकी वजह खुदरा ऋण की मांग अधिक होना है. हालांकि, ऋण की वृद्धि पिछले साल की समान अवधि तीन जनवरी, 2020 के 7.5 प्रतिशत की तुलना में कम रही है. रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि बैंक (Bank) संपत्ति गुणवत्ता से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखते हुये कर्ज देने में सतर्कता बरत रहे हैं. हाल ही में जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के मुताबिक, दबाव के परिदृश्य को देखते हुए सभी बैंकों की सकल गैर- निष्पादित संपत्तियों में सितंबर 2021 तक 13.5 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है जो कि पिछले 22 साल में सर्वाधिक होगी. एक साल पहले सितंबर 2020 में यह 7.5 प्रतिशत पर थी.

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