Tuesday , 2 March 2021

पीएम करेंगे देश के सबसे बड़े ट्राइबल म्यूजियम का उदघाटन

रांची (Ranchi) . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में बनने वाले देश के सबसे बड़े ट्राइबल म्यूजियम का उदघाटन करेंगे. इस संग्रहालय के माध्यम से अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा के अलावा जल, जंगल और जमीन तथा आत्मनिर्णय को लेकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले जनजातीय समाज के अन्य शहीदों के बारे में नयी पीढ़ी को लाइट एंड साउंड और चित्रों के माध्यम से जानकारी मिल पाएगी. जनजातीय मामले के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने सोमवार (Monday) को रांची (Ranchi) के पुराने जेल में बन रहे इस संग्रहालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यां का जायजा लिया.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने निर्माण कार्यां का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह भगवान बिरसा मुंडा का महत्वपूर्ण स्थान है. अमर शहीद बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष की लड़ाई में रांची (Ranchi) के इसी पुराने जेल में अंतिम सांस ली थी. महान स्वतंत्रता सेनानी और शांति के अग्रदूत के रूप में पूरा देश और आदिवासी समाज उनका नमन करता है, उनकी पूजा करता है. आदिवासी समाज के वैसे महान भगवान और उसके साथ-साथ आदिवासी समाज के अन्य रणबांकुरों को लोग जाने कि वास्तविक रूप से उन लोगों ने जल, जंगल और जमीन तथा आत्मनिर्णय की लड़ाई के लिए अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया. इसी संग्रहालय का निरीक्षण करने के लिए वे आज जनजातीय मंत्रालय के सचिव दीपक खाण्डेकर, निदेशक अनिल कुमार और राज्य सरकार (State government) के सचिव समेत अन्य वरीय अधिकारी यहां पहुंचे है. उन्होंने बताया कि संग्रहालय निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है, कुछ काम बचे है, जिसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा. इस संग्रहालय में जनजातीय समाज के शहीदों के ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में नयी पीढ़ी को लेकर अवगत कराएंगे.अर्जुन मुंडा ने बताया कि इस संग्रहालय के उदघाटन की संभावित तिथि 12 मार्च निर्धारित की गयी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) इस संग्रहालय का उदघाटन करेंगे.

गौरतलब है कि यह संग्रहालय रांची (Ranchi) के सरर्कुलर रोड स्थित पुरानी जेल में बनकर तैयार हो रहा है. इसी जेल में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले भगवान बिरसा मुंडा को गिरफ्तार रखा गया था और उन्होंने अपनी सांस इसी जेल में ली थी. बिरसा मुंडा ने जिस कमरे में अंतिम सांस ली थी, उस कमरे में पहुंचने पर भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी से जुड़े कई पहलु की जानकारी युवा और नयी पीढ़ी को मिल पाएगी. शहीदों की जीवनी को आकर्षक तरीके से बताने के लिए लाइट एंड साउंड शो की भी व्यवस्था की गयी है. सभी निर्माण कार्यां को तेजी से पूरा किया जा रहा है.

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