Friday , 14 May 2021

पंजाबी अभिनेता और किसान नेता को एनआईए द्वारा तलब करने पर सुखबीर बादल ने केंद्र सरकार को घेरा

चंडीगढ़ (Chandigarh) . पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा को तलब करने के मामले में सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र सरकार (Central Government)को घेरते हुए आरोप लगाए हैं. मालूम हो कि कभी एनडीए की समर्थक रही शिरोमणि अकाली दल ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार (Central Government)केंद्रीय एजेंसियों के जरिये किसानों को डरा-धमका रही है. वहीं, उन्होंने दावा किया है कि 9वें दौर की बातचीत असफल होने के बाद साफ हो गया है कि सरकार किसानों को थका रही है. सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट किया ‘किसान नेताओं को किसान आंदोलन के समर्थकों को एनआईए और ईडी की पूछताछ के जरिये डराने धमकाने की केंद्र की कोशिशों की निंदा करता हूं. वे राष्ट्रविरोधी नहीं हैं.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘9वीं बार असफल बातचीत के बाद यह एकदम साफ हो गया है कि भारत सरकार केवल किसानों को थकाने की कोशिश कर रही है.’ कृषि कानूनों को लेकर बीते शुक्रवार (Friday) को केंद्र और किसान संगठनों के बीच नौवें दौर की चर्चा हुई थी, जो असफल रही.

बता दें कि एनआईए ने सिद्धू और सिरसा समेत 40 अन्य लोगों को समन भेजा है. इन दोनों को अमेरिका के प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक समूह सिख्स फॉर जस्टिस के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ राजद्रोह के मामले से तार जुड़े होने के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया था. हालांकि, इस दौरान केंद्रीय एजेंसियों की तरफ से मिल रहे समनों के खिलाफ सिरसा ने जमकर गुस्सा जाहिर किया था. उन्होंने कहा था, ‘सरकार 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड से डर रही है और एनआईए के जरिए नोटिस भेजकर पंजाब (Punjab) के लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश कर रही है.’ उन्होंने सरकार पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा ‘सरकार एकमात्र मकसद है किसान आंदोलन को खत्म करना.’ वहीं, उन्होंने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे दी है. उन्होंने कहा ‘हम कानून वापसी के लिए हमारा संघर्ष जारी रखेंगे.’ खास बात है कि केंद्र और सरकार आगामी 19 जनवरी को दोबारा मुलाकात करने जा रहे हैं.

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