Monday , 10 May 2021

न पंडित, न सात फेरे, संविधान की शपथ लेकर एक-दूजे के हो गए दोनों

खरगोन . एमपी के खरगोन जिले में दूल्हा-दुल्हन ने अग्नि के सात फेरे लेने की बजाए संविधान की शपथ लेकर अपनी शादी रचाई है. आदिवासी समाज में इस तरह की ये अनूठी शादी है. संविधान की शपथ लेते हुए वीडियो भी वायरल है. दरअसल, जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर भगवानपुरा तहसील के ढाबला गांव में यह अनूठी शादी हुई. यहां न तो किसी पंडित ने मंत्र पढ़े और न ही सात फेरे हुए हैं. संविधान निर्माता डॉक्टर (doctor) भीमराव अंबेडकर और टंट्या मामा की तस्वीर को साक्षी मानकर संविधान की शपथ लेकर आदिवासी युवक इकराम आरसे और नाइजा ने विवाह रचाया है.

ग्राम ढाबला में परिजनों, करीबी रिश्तेदारों की उपस्थिति में नवयुगल ने स्टेज पर पहुंचकर टंट्या मामा, बिरसा मुंडा, डॉ अंबेडकर सहित भारतीय संविधान की शपथ लेकर एक-दूसरे को जीवन साथी बनाया है. विवाह रस्म का समापन बुद्ध वंदना से हुआ. जिले के किसी ग्रामीण अंचल में इस तरह की अनूठी रस्म से की गई दूसरी शादी है. इस अनूठी शादी में खरगोन के कई बुद्धिजीवी मौजूद रहे. समाजसेवी रामेश्वर बडोले ने बताया कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लिए आंबेडकर मामा आदि पुरुषों के साथ ही संविधान सर्वोपरि है. इन सभी को साक्षी और पवित्र मानकर इकराम ने शादी की है.

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