Thursday , 13 May 2021

नौकरी देने के नाम पर 800 लोगों को लगाया चूना

भोपाल (Bhopal) . अंतरराज्यीय गिरोह के बदमाशों ने नौकरी देने के नाम पर करीब आठ सौ लोगों को चूना लगा ‎दिया. इस मामले में पुलिस (Police) ने नोएड़ा (उप्र) के दो कॉल सेंटर पर छापा मारकर चार महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. राजधानी की साइबर क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी का खुलासा किया है. इन कॉल सेंटर से छह राज्यों में बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के लिए फोन किए जाते थे. दो साल से यह कॉल सेंटर नोएड़ा के अलग-अलग इलाकों में संचालित हो रहा था. इस गिरोह ने अभी तक की पूछताछ में 800 लोगों के साथ धोखाधड़ी करने की बात कबूल की है.

आरोपितों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उनके निशाने पर हिंदी भाषा वाले राज्य थे. आरोपितों के पास से एक लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, पांच एटीएम कार्ड, इंटरनेट ब्रॉडबेंड कनेक्शन से संबंधित राऊटर और एडॉप्टर समेत अन्य सामग्री जब्त की गई है. साइबर क्राइम पुलिस (Police) के अनुसार नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत भोपाल (Bhopal) निवासी सुनील मालवीय ने पिछले साल जून 2020 में की थी. शिकायत में बताया गया कि इंडिगो एयर लाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर अज्ञात लोगों ने उसके साथ 42 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है.

शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच थाने में केस दर्ज किया गया था. जांच के बाद पुलिस (Police) ने कॉल सेंटर के संचालक आरोपित जितेंद्र कुमार तिवारी उर्फ राज तिवारी (25) निवासी थाना कालकाजी नई दिल्ली (New Delhi), कामिनी त्रिपाठी उर्फ एकता त्रिपाठी (24) निवासी थाना मीठापुर नई दिल्ली (New Delhi), काजल भंडारी (22) निवासी नई दिल्ली (New Delhi), अंजली कुमारी (19) निवासी पुलिस (Police) चौकी नवीन नगर, हरियाणा (Haryana) और ज्योति कुमारी (23) निवासी फरीदाबाद हरियाणा (Haryana) को नोएडा (Noida) से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपित आम लोगों को नौकरी दिलाने के संबंध में फेंक वेबसाइट बनाकर गूगल एड के माध्यम से विज्ञापन देते थे. जब कोई व्यक्ति संबंधित साइट पर जाकर नौकरी के लिए फार्म भरता था तो कॉल सेंटर में मौजूद युवतियां उस व्यक्ति को फोन कर ऑनलाइन इंटरव्यू लेती थीं. बाद में फर्जी कंपनी का दस्तावेज तैयार कर उसे संबंधित के पास भेजकर निजी एयरलाइंस, बड़ी निजी बैंक (Bank) के ऑफर लेटर और ज्वाइनिंग लेटर भेज देती थीं. अन्य संस्थानों में भी नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था. इस दौरान रजिस्ट्रेशन फीस, फाइल चार्ज, एग्रीमेंट चार्ज, इंश्योरेंश फीस के बहाने राशि अपने खाते में जमा कराकर धोखाधड़ी की जा रही थी. शुरूआती जांच में 800 लोगों को शिकार बनाकर करीब डेढ़ करोड़ की ठगी का अनुमान पुलिस (Police) लगा रही है.

आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि नोएड़ा के सेक्टर 128 और 132 में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था. यहां एक माह पहले ही कॉल सेंटर शिफ्ट किया गया था. इससे पहले वह दूसरे स्थान पर था. कॉल सेंटर के लोगों को रोज 60 से 80 लोगों को फोन करने का टारगेट दिया जाता था. उनके निशाने पर वह राज्य रहते थे, जहां के लोग हिंदी भाषा बोलते हैं. इनमें उप्र, मप्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार (Bihar) और झारंखड़ राज्य शामिल थे. इस बारे में साइबर क्राइम के एएसपी/एसपी रजत सकलेचा का कहना है ‎कि नोएड़ा से चार महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपित फर्जी कॉल सेंटर चलाकर बेरोजगार लोगों से ठगी कर रहे थे. आरोपितों से पूछताछ जारी है.

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