Wednesday , 23 June 2021

नरवा कार्यों की प्रगति की प्रदीप शर्मा ने की समीक्षा

बिलासपुर (Bilaspur) . मुख्यमंत्री (Chief Minister) भूपेश बघेल के सलाहकार प्रदीप शर्मा ने राज्य सरकार (State government) की महत्वाकांक्षी योजना नरवा विकास कार्यक्रम की समीक्षा की. उन्होंने योजना के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण भी वन विभाग के अधिकारियों को दिया. प्रशिक्षण में शर्मा ने नरवा में संरचनाओं के निर्माण से वानिकी एवं वन्यप्राणियों के प्रबंधन को किस प्रकार से बेहतर किया जा सकता है. इस पर विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया.

बिलासपुर (Bilaspur) के वन चेतना केन्द्र सकरी में शर्मा द्वारा बिलासपुर (Bilaspur) वृत्त के समस्त वनमण्डलाधिकारियों तथा अचानकमार टाईगर रिजर्व के समस्त अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य कैम्पा मद द्वारा स्वीकृत नरवा कार्र्यों की प्रगति की समीक्षा की गई. समीक्षा बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी पी.वी. नरसिम्हा राव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी कैम्पा वी. श्रीनिवास राव की उपस्थिति में प्रत्येक वनमण्डल में चल रहे नरवा कार्यों के निर्माणाधीन जल एवं मृदा संरक्षण संरचनाओं के तकनीकी पहलुओं पर विशेष रूप से मार्ग दर्शन दिया गया.

बैठक में एन. आर. एम. इंजीनियर की द्वारा ’’अरपा कैचमेन्ट एरिया ट्रीटमेन्ट प्लान’’ तथा अचानकमार टाईगर रिजर्व के नरवा विकास कार्यों संबंधी डी.पी.आर. पर प्रस्तुतीकरण किया गया. अपने मार्गदर्शी उद्बोधन में प्रदीप शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री (Chief Minister) की फ्लैगशिप योजना ’’नरवा’’ के डी.पी.आर. निर्माण कार्य करने तथा इसे क्षेत्रीय स्तर पर क्रियान्वित करने के संबंध में अत्यंत महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए. नरवा के जल ग्रहण क्षेत्र में निर्मित की जाने वाली संरचनाओं, निर्माण किये जाने वाले क्षेत्र की पहचान तथा क्रियान्वयन की वैज्ञानिक पद्धति को विस्तार पूर्वक समझाया गया तथा भविष्य मे ंनिर्मित किये जाने वाले संरचनाओं में आवश्यक तकनीकी दृष्टिकोण को लागू करने हेतु निर्देश दिये गये.

बैठक पश्चात् अचानकमार टाईगर रिजर्व के सुरही परिक्षेत्र अंतर्गत दियाबार नाला स्थल पर जाकर जल ग्रहण क्षेत्र में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आर्डर पर निर्मित की गई संरचनाओं का सभी वन अधिकारियों की उपस्थिति में विस्तृत विश्लेषण करते हुए नरवा में निर्मित संरचनाओं की प्लानिंग, डिजाईनिंग के साथ उपयोगिता तथा उससे होने वाले दूरगामी प्रभाव के बारे में प्रशिक्षण दिया गया. दियाबार नरवा के छोटे-छोटे नालों पर निर्मित ब्रशवुड चेकडेम, लूज बोल्डर चेकडेम एवं गेबियन संरचनाओं का मौके पर निरीक्षण किया गया एवं वनमण्डलाधिकारियों तथा अचानकमार टाईगर रिजर्व के सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों को तकनीकी पहलूओं की जानकारी दी गई.

शर्मा द्वारा गेबियन संरचना, चेकडेम निर्माण हेतु क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप संरचना निर्माण करने की जानकारी मौके पर दी गई. शर्मा द्वारा अपने विस्तृत अनुभव के आधार पर दियाबार नरवा में निर्मित संरचनाओं एवं उनके उपयोगिता तथा किये गये कार्यों पर संतोष व्यक्त किया गया.

तकनीकी रूप से नरवा के रिजलाईन को क्षेत्र में किस प्रकार से रेखाकिंत किया जा सकता है इसे विशेष रूप से समझाया गया तथा सभी वनमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी नरवा कार्यों में रिजलाईन का सर्वे करायें तथा कन्टूर के आधार पर जल ग्रहण क्षेत्र में रिज टू वैली के अंतर्गत आने वाले समस्त छोटे-बड़े नालों में ब्रशवुड चेकडेम, लूज बोल्डर चेकडेम एवं डिस्चार्ज जोन की बड़ी संरचनाओं की स्थिति को बेहतर तरीके से क्षेत्रीय धरातल पर उतारें इससे नरवा के मूल उद्देश्य रिज से वैली तक मृदा एवं जल संरक्षण के साथ-साथ भू जल में वृद्वि तथा छ.ग. शासन की मंशा के अनुरूप नरवा कार्यों का क्रियान्वयन हो सकें.

ज्ञात है कि बिलासपुर (Bilaspur) वन वृत्त के अंतर्गत वर्ष 2019-20 में 1664 वर्ग किमी, वर्ष 2020-21 में 1035 वर्ग कि.मी. तथा अरपा कैचमेन्ट क्षेत्र के 400 वर्ग कि.मी. एवं अचानकमार टाईगर रिजर्व के 150 वर्ग कि.मी. वन क्षेत्र में विभिन्न नरवा के अंतर्गत भू एवं जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है जिससे बिलासपुर (Bilaspur) संभाग के ग्रामीण अंचलों में भू जल में वृद्वि हो रही है.

शर्मा के इस प्रवास एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी पी.वी. नरसिम्हा राव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी कैम्पा वी. श्रीनिवास राव, अचानकमार टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, उप संचालक, बिलासपुर (Bilaspur) वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक तथा सभी वनमण्डलों के वनमण्डाधिकारी उपस्थित हुए.

Please share this news