Sunday , 28 February 2021

तीन साल बाद खोजी बाइक, देना होगा बीमा क्लेम

भोपाल (Bhopal) . बाइक के चोरी होने के तीन साल बाद पु‎लसि ने खोज ‎लिया, फिर भी बीमा कंपनी को क्लेम का भुगतान करना होगा. यह फैसला सुनाया है राज्य उपभोक्ता आयोग ने. प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक व्‍यक्ति ने वर्ष 2009 में नई मोटरसाइकिल खरीदी और उसका 11 जून 2009 से 10 जून 2010 तक का बीमा कराया था.

मोटरसाइकिल खरीदने के एक माह बाद ही चोरी हो गई. बीमा कंपनी ने क्लेम देने से इन्‍कार कर दिया. इस पर व्‍यक्ति ने जिला उपभोक्‍ता आयोग में गुहार लगाई. जिला उपभोक्ता आयोग ने प्रकरण को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उपभोक्ता ने वाहन चोरी होने की सूचना देर से दी, इसलिए वह क्लेम पाने का हकदार नहीं.

जिला आयोग का यह भी कहना था कि उपभोक्ता के वाहन को पुलिस (Police) ने अमृतसर (Amritsar) से 2012 में खोज निकाला. बीमा कंपनी 2009 से 2012 तक मामले को टालती रही. इसके बाद उपभोक्ता ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील लगाई. यह याचिका कोलार रोड स्थित महाबली नगर निवासी देवेंद्र बंसल ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर के खिलाफ लगाई थी.

मामले में आयोग ने कहा कि मोटरसाइकिल 2009 में चोरी हुई और 2012 में पुलिस (Police) ने खोज निकाला तो बीमा कंपनी को वाहन की हालत का निरीक्षण करना चाहिए. अगर अब उपभोक्ता को यह वाहन मिलता भी है, तो उसकी स्थिति ऐसी नहीं होगी कि वह इसका उपयोग कर सके. उपभोक्ता की वकील पक्ष रखते हुए कहा कि वाहन का इंजन नंबर अलग है, वाहन अब उपयोग के लिए नहीं बचा है. ऐसे में उपभोक्ता के किसी काम का वाहन नहीं रह जाएगा. इस कारण आयोग ने बीमा कंपनी को बीमा की राशि 18 हजार रुपये और मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 3 हजार रुपये देने का आदेश दिया. उपभोक्ता की ओर से इस मामले में संभावना राजपूत ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा.

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