Friday , 16 April 2021

जैक मा की जिंदगी भर की कमाई हड़पना चाहता है ड्रैगन

नई दिल्ली (New Delhi) .चीन के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार अलीबाबा ग्रुप के मालिक जैक मा पिछले दो महीनों से कहां गायब हैं, अब तक इस सिलसिले में पुष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है. हलांकि, उनकी गुमशुदगी को लेकर अटकलों का बाजार काफी गर्म है. कभी किसी रिपोर्ट में उनके गिरफ्तार होने की खबर आ रही है तो कभी बताया जा रहा है कि उन्होंने खुद को सार्वजनिक जीवन से खुद को दूर कर लिया है. चीन सरकार के मंसूबों की पोल खोलती है. चीन चाहता है कि जैक मा अपनी जिंदगी भर की असल कमाई यानी अपनी कंपनी के यूजर्स के सभी डेटा उसे सौंप दे. चीन के नियामक कोशिश कर रहे हैं कि जैक मा अपने विशाल वित्तीय-प्रौद्योगिकी कंपनी के माध्यम से एकत्रित यूजर-क्रेडिट डेटा को साझा करे. इसके लिए चीनी नियामक काफी समय से दबाव बना रहे हैं.

चीनी नियामक के इस दबाव और राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ विवाद के बाद जैक मा के पास बहुत कम विकल्प बचे थे. ड्रैगन को इस बात की चिंता सता रहा है कि जैक मा का ध्यान वित्तीय खतरे को नियंत्रित करने के बाय अपने बिजनस को लगातार बढ़ाने पर है, जबकि चीन ऐसा नहीं चाहता, क्योंकि उसका का लक्ष्य वित्तीय संकट को नियंत्रित करना है. चीनी नियामक की नजर में जैक मा के कंट्रोल वाली कंपनी एंट ग्रुप चीन की वित्तीय सिस्टम को खराब कर रही है. इस कंपनी के पास लोगों की आदतों से लेकर कर्ज लेने और चुकाने का पूरा डेटा है. कंपनी इन्हीं डेटा के जरिए लोन के लेन-देन में बिचौलिया की भूमिका निभाकर बिजनेस में फायदा उठाती है.

जैक मा अपने अलीपे ऐप के जरिए लोन का लेन-देन करते हैं और बिचौलिआ बन फायदा कमाते हैं. करीब एक अरब से अधिक लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ऐप में उपभोक्ताओं की खर्च करने की आदतें, उधार व्यवहार और बिल-भुगतान और ऋण-भुगतान की हिस्ट्री के डेटा हैं.लैस कंपनी एंट ग्रूप ने करीब आधे बिलियन लोगों को कर्ज दिया है और करीब 100 बैंकों से इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा लिया है. यानी जैक मां बैंक (Bank) से लोगों को बिचौलिया बनकर अपने ऐप के जरिये लोन दिलवाते हैं. ऐसी व्यवस्था से उधारकर्ताओं के डिफॉल्टर होने का सबसे अधिक जोखिम उठा रहे हैं,, जबकि एंट कंपनी बिचौलियों के रूप में लाभ कमा रही है. बता दें कि एंट ग्रुप ने अलीपे बनाया है, जो चीन में एक मोबाइल पेमेंट सिस्टम मोबाइल वॉलेट है.

कंपनी ने भारत के पेटीएम में भी निवेश किया है. यह भी बताया गया है कि चीन ने जैक मा के बिजनस मॉडल को बदलने का प्रयास किया और डेटा पर उनकी कंपनी के एकक्षत्र राज को खत्म करना चाहा. मगर ऐसी खबर है कि जैक मा ने ऐसा करने से मना कर दिया, जिसके बाद चीन सरकार ने एक्शन लेना शुरू किया. चीन ने जैक मा की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा और उसकी वित्तीय कारोबार की शाखा एन्ट ग्रुप पर कार्रवाई शुरू की. चीन के मार्केट रेगुलेटर का कहना है कि उसने अलीबाबा के खिलाफ बाजार पर एकाधिकार कायम करने संबंधी कोशिशों को लेकर यह कार्रवाई शुरू की है. चीन सरकार की कार्रवाई से कंपनियों में ऐसा खौफ समाया है कि महज दो ही दिन में चीन की बड़ी कंपनियों को करीब 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है. माना जा रहा है कि इसी कार्रवाई के चलते जैक मा को देश छोड़ने पर रोक है और नजरबंद कर लिया गया है.

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