Friday , 14 May 2021

जिले में 10 लाख क्विंटल के करीब पहुंची धान की ख़रीदी, उपार्जन केंद्रों में धान जाम

कोरबा . जिले में धान की खरीदी 10 लाख क्विंटल के करीब पहुंच गई है. 49 उपार्जन केंद्रों से अब तक 9 लाख 85 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है. जितनी मात्रा में खरीदी हो रही है उसके विपरीत धान का उठाव नहीं हो रहा. चावल रखने के जिले में पर्याप्त गोदाम हैं. मिलिंग के लिए 72 मिलर्स से अनुबंध किया गया है, जो पर्याप्त नहीं है. रकबा और किसानों की संख्या में बढ़ोतरी के बाद भी मिलर्स की संख्या नहीं बढ़ाने से उपार्जन केंद्रों में धान जाम हो रहा है. जिले में धान खरीदी को व्यवस्थित करने के लिए समिति और उपार्जन केंद्रों को बढ़ाया है. इससे धान बेचने वाले किसानों की संख्या 27148 से बढ़कर 32189 हो गई. साथ ही रकबा 38278 हेक्टेयर से बढ़कर 42634 हो गई. रकबा बढ़ने के लिहाज से मिलिंग के लिए मिलर्स की भी संख्या बढ़ाना था. बीते वर्ष की तरह इस वर्ग भी 72 मिलर को ही धान मीलिंग के लिए अनुबंधित किया गया है. मिलर की संख्या में बढ़त नहीं किए से जाने से उपार्जन केन्द्रों में धान उठाव पर असर हो रहा है.

*खरीदी के लिए नौ दिन शेष

शनिवार (Saturday), रविवार (Sunday) और अवकाश के दिन को छोड़ दिया जाए तो धान खरीदी के लिए नौ दिन शेष रह गए हैं. अब भी 12147 किसान धान बिक्री के लिए शेष हैं. 12.50 लाख उपार्जन लक्ष्य लेकर तैयारी की गई है बिक्री के लिए शेष किसानों की संख्या को देखते हुए बारदानों की समस्या होने की संभावना बढ़ गई है.

*एक दिन में 1500 क्विंटल खरीदी की लिमिट

उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए एक दिन में 1500 लिमिट किए जाने से किसानों को टोकन कटाने में परेशानी हो रही है. इधर धान बेचने के लिए सीमित दिन ही शेष रह गए हैं. ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक एक क्विंटल भी धान नहीं बेचा है उन्हें भी खाता फ्रीज होने का भय सता रहा है. इधर उपार्जन केंद्र में धान की आवक बढ़ने से धान रखने की जगह कम पड़ रही है. उठाव में प्रगति नहीं आने के कारण भी किसानों को धान बेचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

Please share this news