Friday , 27 November 2020

कोरोना से लड़ने के लिए भारत को 0.01 फीसदी ब्याज दर पर आर्थिक सहायता देगा जापान

नई दिल्ली (New Delhi) . जापान ने कहा है कि वह कोरोना महामारी (Epidemic) को देखते हुए भारत के लिए 34 अरब 65 करोड़ 61 लाख 85 हजार के आपातकालीन ऋण समर्थन का विस्तार करेगा जिसमें स्वास्थ्य और चिकित्सा नीति का कार्यान्वयन शामिल है.
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव, सीएस महापात्र और जापानी राजदूत सुज़ुकी सातोशी ने नई दिल्ली (New Delhi) में कोरोना महामारी (Epidemic) का मुकाबला करने के लिए येन ऋण के प्रावधान के संबंध में नोटों का आदान-प्रदान किया. जापानी दूतावास के एक बयान के अनुसार, आपातकालीन सहायता ऋण, कोरोना-19 संकट को देखते हुए भारत की लड़ाई में काम आएगा, मजबूती प्रदान करेगा. यह वित्तीय सहायता भारत सरकार (Government) द्वारा स्वास्थ्य और चिकित्सा नीति के कार्यान्वयन का समर्थन करेगी, आईसीयू और संक्रमण की रोकथाम और प्रबंधन सुविधाओं से लैस अस्पतालों के विकास को बढ़ावा देगी.

यह सहायता देश में संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के अलावा, देश के समाज और अर्थव्यवस्था को रिकवर और स्थिरता में योगदान देंगी, साथ ही साथ सतत विकास भी होगा. बता दें कि ऋण में चार वर्ष की छूट अवधि सहित 15 वर्षों में चुकाने की बात कही गई है. इस लोन पर प्रति वर्ष 0.01 फीसदी की ब्याज दर होगी. इसके अलावा, दोनों देशों ने जापान की आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) योजना के माध्यम से ‘द इकोनॉमिक एंड सोशल डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के तहत से भारत को 1 बिलियन येन के अनुदान पर नोटों का आदान-प्रदान किया. उम्मीद है इस अनुदान सहायता से भारत में कोरोना सहित संक्रामक रोगों के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिलेगी और जापान और भारत के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.