Thursday , 22 October 2020

कृषि विधेयक के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस एकमत हैं – संजय झा


नई दिल्ली (New Delhi) . कांग्रेस से निकाले गए संजय झा ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने 2019 के लोकसभा (Lok Sabha) चुनाव में एमपीएमसी अधिनियम को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया था. उन्होंने कहा कि कृषि विधेयक के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस एकमत हैं.

संजय झा ने शुक्रवार (Friday) को ट्वीट कर लिखा, “2019 लोकसभा (Lok Sabha) चुनावों के लिए हमारे कांग्रेस घोषणापत्र में, हमने खुद एपीएमसी अधिनियम को समाप्त करने और कृषि उपज को प्रतिबंधों से मुक्त बनाने का प्रस्ताव दिया था. यह मोदी सरकार (Government) ने किसानों के बिल में किया है. इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस एकमत हैं.”

इससे पहले एक अन्य ट्वीट में संजय झा ने लिखा, “कृषि बिल मिडिल मैन को खत्म करते हैं, क्या यह भाजपा का मुख्य वोट बैंक (Bank) नहीं है? इसके अलावा, आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन पहले यूपीए के अपने इरादे के अनुरूप है और इससे बहु-ब्रांड की परिकल्पना में कांग्रेस के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का लाभ मिलेगा. द्विदलीय राजनीति प्लीज! ”

संजय झा के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि झा एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्होंने वास्तव में पार्टी के घोषणा पत्र को पढ़ा है.

मालवीय ने अपने ट्वीट में लिखा, “एकमात्र व्यक्ति, जिसके द्वारा कांग्रेस का घोषणापत्र पढ़ा गया है, उन्हें याद है और अपने नेतृत्व के दोहरेपन पर तालियां बजा रहे हैं, जो विदेश में हैं, जबकि संसद चालू है और किसानों को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं. ”

कृषि, किसान और कृषि श्रम से संबंधित कांग्रेस के घोषणा पत्र के खंड का बिंदु 11 के मुताबिक : “कांग्रेस कृषि उपज बाजार समितियों के अधिनियम को निरस्त करेगी और कृषि उपज में व्यापार करेगी – जिसमें निर्यात और अंतर-राज्य व्यापार भी शामिल है – सभी प्रतिबंधों से मुक्त”

लोकसभा (Lok Sabha) द्वारा पारित विधेयकों में से एक यह है कि – किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक किसानों को देश में कहीं भी प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपनी उपज बेचने का विकल्प देता है.