Friday , 16 April 2021

किसान अन्नदाता, उन्हें नक्‍सल या खालिस्‍तानी करना ठीक नहीं : राजनाथ

नई दिल्ली (New Delhi) . केंद्र सरकार (Central Government)द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन का बुधवार (Wednesday) को 35वां दिन है. इस बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किसानों को ‘नक्सल’ और ‘खालिस्तानी’ कहे जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आंदोलनरत किसानों पर ऐसे आरोप लगाना ठीक नहीं है. देश के किसान सम्मान के हकदार हैं. वे अन्‍नदाता हैं.
राजनाथ सिंह ने कहा कि हम किसानों का सम्मान करते हैं. सरकार किसानों के साथ कृषि कानून के हर मसले पर चर्चा करने को तैयार है. उन्होंने कहा कि नए कानून किसानों की भलाई के लिए हैं. अगर किसी को कोई दिक्कत है तो सरकार इन पर बातचीत के लिए तैयार है. किसानों के आंदोलन पर रक्षा मंत्री ने कहा कुछ ताकतों ने किसानों के बीच कुछ गलतफहमियां पैदा करने की कोशिश की है. हमने कई किसानों से भी बात की है.

किसानों से मेरा केवल यही अनुरोध है कि खंड-वार चर्चा की जानी चाहिए और ‘हां या ‘नहीं’ उत्तर की तलाश करनी चाहिए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए. पीएम सिर्फ एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि एक संस्था है. मैंने कभी किसी पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ जिस तरह के नारे लगाए गए, उसे देखकर मुझे बहुत दुख हुआ.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में अगर नेता वादों को पूरा नहीं करते, तो जनता उन्हें सत्ता के बेदखल करके दंडित करेगी. सरकार ने बार-बार कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी रहेगा. नए कानूनों में इससे छेड़छाड़ नहीं होगी. हम किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी दूसरे देश के प्रधानमंत्री को भारत के आंतरिक मामलों में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. भारत को किसी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है. यह हमारा आंतरिक मामला है और इसे हम अपनी तरह से सुलझा लेंगे. किसी भी देश को हमारे आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है.

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