Monday , 8 March 2021

किसानों द्वारा की गई सिंचाई हेतु पानी की मांग; क्यों नही मिल रहा सिंचाई योजना का लाभ ?

झाबुआ . एक तरफ देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री (Chief Minister) किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की पूर्ति हेतु कटिबद्ध है, ताकि किसानों का जीवनस्तर ऊंचा उठाया जा सके वहीं दूसरी तरफ जिले के पेटलावद जनपद के तीन गाँवो के किसान सिंचाई सुविधाओं से अब भी वंचित है. इन किसानों ने क्षेत्रीय सांसद (Member of parliament) को जल संसाधनमंत्री के नाम इस बाबत मांगपत्र देकर सिंचाई सुविधाए मुहैया कराए जाने की मांग की है.

जिले के पेटलावद जनपद के बोलासा, सेमरोड, कानकुआ ग्रामो के किसानों ने सांसद (Member of parliament) गुमानसिंह डामोर को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) साशन के मुख्यमंत्री (Chief Minister) और जलसंसाधन मंत्री के नाम मांगपत्र देकर यह मांग की है. डामोर ग्राम बोलासा में रुपये 25 लाख की लागत से बनने वाले निस्तार तालाब के भूमिपूजन हेतु आए थे. इन ग्रामवासियो ने मांग की है कि हमारे गावो को नर्मदा, झाबुआ, पेटलावद थांदला, सरदारपुर उद्वहन माइक्रो सिंचाई परीयोजना से जोड़ा जाए. उल्लेखनीय है कि उक्त 2200 करोड़ की इस योजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2015 में किया था. और उस अवसर पर जारी किये गए परिपत्र में यह दर्शाया गया था कि योजना से पेटलावद के उक्त गावो के किसानों को सिंचाई सुविधाए प्राप्त होगी. फिर इन गावो को योजना से क्यो नही जोड़ा जा रहा है? इन गावो के किसानों का कहना है कि यदि इस योजना से हमारे गावो को जोड़ दिया जाता है तो हमे स्थाई सिंचाई सुविधा प्राप्त हो सकेगी. संसद सदस्य ने इन किसानों को सिंचाई सुविधाए मुहैया कराए जाने हेतु आश्वस्त किया है.

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