Saturday , 15 May 2021

किसानों को बिजली सिंचाई सुविधा की रकम डीबीटी से मिलेगी


इन्दौर (Indore) . किसानों को पात्रतानुसार सिंचाई की सुविधा के लिए शासन 92.50 फीसदी तक बिल रकम की सब्सिडी प्रदान करती है. यह सब्सिडी आगे जाकर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से की जाना है. इसकी प्रभावी तैयारी की जाए. कंपनी स्तर का नोडल अधिकारी मुख्य महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी को बनाया जा रहा है.

उक्त बात मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इन्दौर (Indore) के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने सोमवार (Monday) को पोलोग्राउंड मुख्यालय में बिजली अधिकारियों की मिटिंग में कही. उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सभी सरकारी लाभ डिजिटल मोड पर दिए जाने है. किसानों के लिए भी सिंचाई के कनेक्शन की रकम बैंक (Bank) खातों के माध्यम से बिजली कंपनी को प्रदान की जाना है. इसकी प्रभावी तैयारी की जाए. सिंचाई के लिए लगभग 10 लाख किसानों के खाते, आधार, मोबाइल नंबर एवं खसरा नंबर के साथ लिंक किए जाए, ताकि शासन 92.50 फीसदी सब्सिडी किसानों के खातों के माध्यम से बिजली कंपनी को प्रदान कर सके. तोमर ने कहा कि इस कार्य के लिए मुख्य महाप्रबंधक संतोष टैगोर को नोडल अधिकारी बनाया गया है, वे 15 जिलों के कलेक्टर (Collector) कार्यालय से संपर्क कर भू अभिलेख शाखा से इस संबंध में संपर्क कर कार्य में तेजी के लिए प्रयास करेंगे.

प्रबंध निदेशक तोमर ने कहा कि समय पर रीडिंग, बिलिंग, बिल वितरण एवं राजस्व संग्रहण हो. उपभोक्ताओं को रीडिंग, बिल वितरण को लेकर शिकायत नहीं होना चाहिए. उन्होंने भंडार, विजिलेंस, लाइन लास, शहरों में असेस्मेंट फ्री बिलिंग की प्रगति आदि के बारे में भी संबंधित शाखा के प्रभारी अधिकारियों से जानकारी ली. इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक संतोष टैगोर, निदेशक मनोज झंवर, कार्यपालक निदेशक संजय मोहासे एवं गजरा मेहता, मुख्य अभियंता कैलाश शिवा, पुनीत दुबे उज्जैन, अतिरिक्त मुख्य अभियंता आरएस खत्री, अधीक्षण यंत्री इन्दौर (Indore) शहर कामेश श्रीवास्तव, डीएन शर्मा इन्दौर (Indore) ग्रामीण आदि ने भी विचार रखे.

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