Thursday , 13 May 2021

कसौली की खूबसूरतवादियों में घर खरीदने का मौका दे रहा है टाटा


अपने सेकंड होम की तलाश में कई भारतीय और एनआरआई

नई दिल्ली (New Delhi) . देश की प्रमुख रियल एस्टेट विकास कंपनियों में शुमार टाटा हाउसिंग डेवलपमेंट कंपनी (टीएचडीसी) ने कसौली में अपनी आवासीय विकास परियोजना ‘मिस्ट’ में कुछ नए घरों की घोषणा की है. एक निजी पहाड़ी की चोटी पर विकसित की गई परियोजना में घरों की बिक्री में लॉकडाउन (Lockdown) के पिछले कुछ महीनों में काफी वृद्धि हुई है. शहरों में सोशल डिस्टन्सिंग के नियमों, घर से काम करने की संस्कृति और हवा के बढ़ते हुए प्रदूषण से त्रस्त होकर अपने सेकंड होम की तलाश में लगे हुए लोगों के लिए पूरी तरह से प्राकृतिक वास्तुकला से सुसज्जित परियोजना ‘मिस्ट’ पहली पसंद बन रही है. कसौली में टाटा हाउसिंग की आवासीय परियोजना मिस्ट में वित्त वर्ष 19-20 की तुलना में 20-21 में आय में 345 प्रतिशत और परियोजना के बारे में पूछताछ में 86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. फिलहाल, परियोजना के काफी घर बिके हैं और ग्राहकों की बढ़ती हुई मांगों को पूरा करने के लिए कंपनी ने इस तिमाही में उसी साइट पर और नए घर पेश करने की योजना बनाई है.

टीएचडीसी ने बताया कि कोविड-19 (Covid-19) के कारण घरों के डिजाइन और निर्माण में स्वास्थ्य और वेलफेयर को अधिक प्राथमिकता दी जाने लगी है. घर खरीदने वाले लोग अब बड़े घरों, बालकनियों या सन डेक्स की मांग करने लगे हैं, सभी सुविधाओं से लैस बड़ी परियोजनाओं को पसंद किया जाने लगा है. क्वालिटी लाइफस्टाइल की मांग में वृद्धि होने लगी है. दिल्ली के निवासियों में हिमाचल के पहाड़ी शहरों के प्रति आकर्षण बढ़ता जा रहा है.

विदेशों में छुट्टी मनाने के लिए जाना संभव न होने की वजह से शहरों से दूर सुरक्षित घरों की मांग में भारी बढ़ोतरी हो रही है. एक सर्वेक्षण में पता चला है कि भारत में अल्ट्रा-नेट-वर्थ वाले लोगों में से करीबन तीन चौथाई लोग सेकंड होम खरीदने की योजना बनाकर करीबन हर एक का अपग्रेड का बजट 50 करोड़ रुपये तक का है. इस तरह के घरों के क्षेत्र में टाटा हाउसिंग एक नामचीन और उल्लेखनीय कंपनी है और टाटा हाउसिंग के देश भर के लक्ज़री सेकंड होम्स को ग्राहकों का शानदार रिस्पांस मिल रहा है.

टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (टीआरआईएल) के एमडी और सीईओ संजय दत्त ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) के कारण लगी पाबंदियों ने लोगों को बड़े सेकंड होम्स की जरूरत महसूस करा दी है, खास कर विदेशों में छुट्टियों के लिए जाना संभव न होने की वजह से लोग सेकंड होम्स की तलाश में जुटे हैं. भारतीयों के साथ ही एनआरआई खरीदारों से ज्यादा बड़े घरों में रूचि बढ़ती जा रही है, जिससे लोगों की भावनाओं में आया हुआ बदलाव साफ दिखाता है. इससे मिस्ट में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष की आय में 345 प्रतिशत की वृद्धि हुई और हमें पूरा विश्वास है कि शहरों में प्रदूषण और महामारी (Epidemic) से राहत पाने के लिए यहाँ पनाह लेना लोग खूब पसंद आएगा.

Please share this news