Thursday , 4 March 2021

करोंद मंडी के बाहर किसान बैठे धरने पर

भोपाल (Bhopal) . राजधानी की करोंद मंडी के बाहर कृषि कानून के विरोध में कई किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए. आंदोलनरत ‎किसानों ने विद्युत अधिनियम 2020 के खिलाफ व न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को गारंटी देने वाला कानून बनाने की मांग की. धरने के दौरान किसी भी प्रकार के हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए खासा पुलिस (Police) बल तैनात रहा. दोपहर तक पुलिस (Police) ने टेंट नहीं लगाने दिया.

हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद किसान टेंट लगाकर धरने पर बैठे. संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में गुरुवार (Thursday) सुबह 11 बजे से धरना प्रारंभ हुआ. किसान नेता जसविंदर सिंह ने बताया कि धरने में किसानों के साथ मंडी के हम्माल-तुलावटी, विभिन्न् श्रमिक संगठन, महिला संगठन, छात्र, गैस पीड़ित आदि शामिल है. धरने में किसान नेताओं ने कहा कि सरकार कृषि कानून के जरिये किसानों व आमजनों को बड़े कारपोरेट और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का गुलाम बनाना चाहती है. इनमें कांट्रेक्ट फार्मिंग के माध्यम से किसानों की जमीन को कब्जाने के लिए कानून बनाए गए हैं. साथ ही मंडी व्यवस्था को खत्म कर देशभर के लाखांे व्यापारी, हम्माल, तुलावाटी व मंडी कर्मचारियों को बेरोजगारी की ओर धकेला जा रहा है.

इस कानून के पहले ही प्रदेश सरकार ने नए कानून की तर्ज पर मंडी एक्ट में बदलाव कर दिया है. जिससे प्रदेश की 47 मंडियां बंद हो गई है और 25 से 60 प्रतिशत तक आवक घट गई है. इससे साफ है कि किसान अपनी उपज मंडियों के बाहर बेचने को बाध्य है. जिसका उन्हें लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है. इसलिए कृषि कानून को तुरंत रद किया जाए. धरने को मप्र किसान सभा के जसविंदर सिंह, किसान सभा के प्रह्लाद बैरागी, वरिष्ठ श्रमिक नेता प्रमोद प्रधान, अब्दुल्लाह भाई, किसान नेता मोहन मीणा, रज्जू भैया आदि ने संबोधित किया. इस मौके पर पीएन वर्मा, विनोद लुगरिया, विजया पाठक, आशा मिश्रा, अर्चना शर्मा, साधना प्रधान, विदिशा के आनंद प्रताप सिंह, रामसेवक मीणा, नरेंद्र सिंह दांगी, चैन सिंह रघुवंशी, प्रह्लाद हाड़ा, रंजीत यादव, ओमकार यादव, टीआर गेहलोत आदि मौजूद थे.

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