Tuesday , 13 April 2021

इसरो हेडक्वार्टर में तीन साल पहले की गई थी जान से मारने की कोशिश, वैज्ञानिक तपन मिश्रा ने किया दावा

नई दिल्ली (New Delhi) . भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने दावा किया कि उन्हें जहर देकर मारने का प्रयास किया गया है. उन्होंने सोशल मीडिया (Media) पर दावा किया कि उन्हें खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी. उन्होंने कहा कि उनकी जान का दुश्मन कौन है, इस बारे में वह कोई अनुमान नहीं लगा सकते हैं.

अहमदाबाद (Ahmedabad) स्पेस एप्लिकेशन सेंटर के पूर्व निदेशक तपन मिश्रा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि 3 साल पहले बेंगलुरु (Bangalore) में इसरो के हेडक्वार्टर में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी. 23 मई 2017 को खाने के दौरान डोसे की चटनी में आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड मिलाया गया था. इसकी वजह से पूरे शरीर में ब्लड क्लॉटिंग के बाद हार्ट अटैक से मौत हो जाती है.

वैज्ञानिक ने बताया कि खाना अच्छा नहीं लगने की वजह से उन्होंने कम ही खाया, जिससे जान तो बच गई लेकिन शरीर पर रिएक्शन देखने को मिला. उन्होंने बताया कि दो साल तक इलाज चला. पोस्ट के साथ मेडिकल रिपोर्ट और पैरों की तस्वीर भी शेयर की. मीडिया (Media) रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद दो और बार भी उन्हें मारने की कोशिश हुई. इसी जनवरी महीने में रिटायर होने जा रहे तपन ने बताया कि उन्हें त्वचा संबंधी समस्याएं, फंगल इन्फेक्शन, दिल का दौरा, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, हड्डियों में सेंसेशन होता रहा.

उन्होंने विक्रम साराभाई से लेकर अन्य कई वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले कोई घटना हो जाए, लोगों को पता चलना चाहिए कि मेरे साथ क्या हुआ. तपन ने स्पष्ट रूप से किसी के बारे में नहीं कहा लेकिन इतना बताया कि कुछ बाहरी ताकतें नहीं चाहतीं कि इसरो के वैज्ञानिक आगे बढ़ें और कम लागत में सारे सिस्टम तैयार करें. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय जासूसी हमला करार देते हुए कहा कि कमर्शियल और सैन्य महत्व के उपकरण बनाने वाले वैज्ञानिकों को रास्ते से हटाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है.

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