Thursday , 24 September 2020

आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा :  बीएमसी ने कंगना के ऑफिस को तोड़ा, हाईकोर्ट ने लगाई रोक

मुंबई (Mumbai) . बॉलीवुड (Bollywood) अभिनेत्री कंगना रनौत के बंगले और ऑफिस में किए गए कथित निर्माण को बीएमसी की टीम ने तोड़ दिया. कंगना ने बीएमसी की कार्यवाही को कोर्ट में चुनौती दी, जिसमें उन्हें राहत मिली है. मुंबई (Mumbai) एयरपोर्ट पर हंगामें के बीच कंगना को उनके खार स्थित उनके घर पहुंचाया गया. कंगना ने इस मामले को लेकर लगातार ट्वीट किए. उनके निर्माण को तोड़े जाने पर कंगना ने सीएम उद्धव ठाकरे को निशाना बनाते हुए ट्वीट किया कि आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा. इस बीच, शिवसेना के सहयोगी दल कांग्रेस और एनसीपी ने भी मामले को लेकर सरकार (Government) पर सवाल उठाए हैं.

कंगना के मुंबई (Mumbai) पहुंचने से पहले ही बीएसमी ने उनके बांद्रा वेस्ट के पाली हिल रोड पर कंगना के दफ्तर पर कथित अवैध निर्माण की तोडफ़ोड़ की कार्रवाई अब खत्म हो चुकी है. उनके दफ्तर को तोडऩे के लिए जेसीबी और हथौड़े के साथ बीएमसी की टीम पहुंची थी. इस कार्रवाई के खिलाफ कंगना ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए बीएमसी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने बीएमसी से जवाब मांगा है. कंगना का यह ऑफिस मणिकर्णिका फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड ग्राउंड फ्लोर के साथ दो फ्लोर ऊपर तक बना है.

दो साल पहले भेजा था नोटिस

इस बीच, जानकारी सामने आई है कि कंगना को बीएमसी ने दो साल पहले नोटिस जारी किया था. तब भी कंगना कोर्ट पहुंच गई थी. 28 मार्च, 2018 को मिले नोटिस पर अंतरिम राहत के लिए कंगना ने कोर्ट की शरण ली थी. मामले में 10 सितंबर, 2018 को ऑर्डर दिया गया था. कोर्ट ने कहा था कि कंगना को जवाब देने का मौका दिया जाना चाहिए और यदि जरूरी और अनुमति योग्य है तो वह अवैध निर्माण के नियमितीकरण के लिए भी आवेदन कर सकती हैं.

वीडियो में बयां किया दर्द

कंगना ने ट्विटर पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा. ये वक्त का पहियां है, याद रखना, हमेशा एक जैसा नहीं रहता. और ऐसा करके तुमने मुझ पर बहुत बड़ा एहसान किया है, क्योंकि मुझे पता तो था कि कश्मीरी पंडितों पर क्या बीती होगी. लेकिन, आज मैंने वो महसूस किया है. आज मैं देश को वचन देती हूं, कि मैं अयोध्या-कश्मीर पर एक फिल्म बनाऊंगी और अपने देशवासियों को जगाऊंगी, क्योंकि मुझे पता था कि हमारे साथ धोखा तो होगा. लेकिन, ये मेरे साथ हुआ है… इसके कुछ मतलब हैं… इसके कुद मायने हैं. ये क्रूरता है, आतंक है, जो मेरे साथ हुआ है. एक ट्वीट में कंगना ने लिखा कि याद रख बाबर यह मंदिर फिर बनेगा.

अगर अवैध निर्माण है तो साबित करें बीएमसी

कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने बीएमसी की कार्यवाही पर अगर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि निर्माण अवैध है तो बीएमसी को साबित करना चाहिए.

कंगना के समर्थन में आया आरएसएस

आरएसएस के अखिल भारतीय सह-प्रमुख रामलाल ने कंगना के बचाव में ट्वीट करते हुए लिखा कि असत्य के हथौड़े से सत्य की नींव नहीं हिलती. वहीं, भाजपा सांसद (Member of parliament) सुब्रमण्यन स्वामी और नेता तेजेंदर पाल सिंह बग्गा ने भी कंगना के समर्थन में ट्वीट किए हैं.

शिवसेना का डिमॉलिशन न हो जाए : निरूपम

सहयोगी दल कांग्रेस और एनसीपी ने शिवसेना का विरोध किया है. कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने ट्वीट किया कि कंगना का ऑफिस अवैध था या उसे डिमॉलिश करने का तरीका? क्योंकि हाई कोर्ट ने कार्रवाई को गलत माना और तत्काल रोक लगा दी. पूरा एक्शन प्रतिशोध से ओत-प्रोत था. लेकिन, बदले की राजनीति की उम्र बहुत छोटी होती है. कहीं, एक ऑफिस के चक्कर में शिवसेना का डिमॉलिशन न शुरू हो जाए!

गैर जरूरी पब्लिसिटी : पवार

एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने इसे गैर जरूरी पब्लिसिटी करार देते हुए कहा कि लोग उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. हम ऐसे बयान देने वालों को अनुचित महत्व दे रहे हैं. हमें देखना होगा कि लोगों पर इस तरह के बयानों का क्या प्रभाव पड़ता है. मेरी राय में, लोग (ऐसे बयानों को) गंभीरता से नहीं लेते हैं. वे (लोग) पुलिस (Police) के काम को जानते हैं. इसलिए, हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है कि कोई क्या कहता है.

महाराष्ट्र (Maharashtra) का देश में अपमान : फडणवीस

महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) देवेंद्र फडणवीस ने मामले को लेकर कहा कि अपने खिलाफ बात करने वालों को हम रास्ते में रोककर मारेंगे और सरकार (Government) के समर्थन से… ऐसा महाराष्ट्र (Maharashtra) के इतिहास में कभी भी नहीं हुआ. सरकार (Government) की कार्रवाई के कारण महाराष्ट्र (Maharashtra) का देश में अपमान हो रहा है.

मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

बीएमसी की मेयर किशोरी पेडनेकर के खिलाफ भाजपा अविश्वास प्रस्ताव मूव करेगी. भाजपा के सभी पार्षदों ने हस्ताक्षर किए है. मेयर पेडनेकर के आदेश पर ही कंगना के आफिस पर कार्रवाई की गई.

वाराणसी में राउत के खिलाफ एफआईआर

कंगना के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद संजय राउत के खिलाफ वाराणसी में भाजपा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ प्रकल्प की महिला सदस्यों ने एफआईआर (First Information Report) दर्ज करवाई है.

शिवसेना ने मुखपत्र से साधा निशाना

शिवसेना ने अपने पार्टी के मुखपत्र के संपादकीय में कंगना को बेईमान बताया गया है. यहां तक कि कंगना को देशद्रोही, बेईमान और मानसिक विकृत बताया गया है. वहीं मोदी सरकार (Government) को देशद्रोही को सुरक्षा देने की बात कही गई है. वहीं, पत्रकारों को देशद्रोही बताकर हरामखोर भी कहा है.