Sunday , 27 September 2020

अब लाइसेंस के लिए देना होगा ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट, होगी रिकॉर्डिंग


भोपाल . अब ड्राइविंग लाइसेंस लेना आसान नहीं होगा. परिवहन विभाग हर जिल में ऑटोमेटेड ड्राइविंग सेंटर शुरू करने जा रहा है. पीपीपी मॉडल पर इन सेंटरों को बनाया जाएगा. पुणे की एक कंपनी ने परिवहन आयुक्त को प्रोजेक्ट रिपोर्ट का प्रजेंटेशन दिया. लाइसेंस बनवाने वाले को बिना मानव हस्तक्षेप के टेस्ट देना होगा, डाटा भी रिकॉर्ड किया जाएगा.

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में अभी टेस्ट ड्राइविंग की कोई व्यवस्था नहीं है. आसानी से लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बन जाते हैं. ग्वालियर के नए कार्यालय के पास ड्राइविंग टेस्ट के लिए ट्रैक भी बनाया है, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है. प्रदेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग सेंटर बनाने की योजना काफी समय से लंबित थी. परिवहन आयुक्त ने अब सेंटर को शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है. पुणे की कंपनी को सेंटर बनाने के लिए कम्पलीट प्रपोजल पेश करने के निर्देश दिए हैं.

बायोमेट्रिक पहचान के बाद ही टेस्ट

– बायोमेट्रिक पहचान के बाद ही व्यक्ति टेस्ट दे सकेगा.
– बिना मानव हस्तक्षेप के ड्राइविंग टेस्ट देने होंगे.
– सीसीटीवी से टेस्ट की रिकॉर्डिंग कर डाटा सुरक्षित किया जाएगा.
– कई बिंदु अंकित किए जाएंगे, उनके मापदंडों को पास करना होगा.
– ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना होगा.