Wednesday , 30 September 2020

अगले साल के मध्य तक मिल सकता है उपचार, फिलहाल कोई वैक्सीन एडवांस ट्रायल की स्थिति में नहीं : मार्गरेट हैरिस

जिनेवा . कोरोना की वैक्सीन को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) (डब्ल्यूएचओ) ने स्पष्ट किया है कि वैक्सीन जल्द आने की उम्मीद नहीं है. डब्ल्यूएचओ की प्रवक्ता मार्गरेट हैरिस ने कहा कि अगले साल के मध्य तक ही कोरोना वैक्सीन तैयार हो सकती है. हैरिस ने ट्रायल में प्रभाव और सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि वैक्सीन बनाने वाला कोई भी देश अब तक एडवांस ट्रायल के दौर में नहीं पहुंचा है. और परीक्षणों के बाद ही इनको लेकर कुछ कहा जा सकता है.

मार्गरेट हैरिस ने कहा कि अब तक के ट्रायल में किसी भी वैक्सीन के कम से कम 50 फीसदी के स्तर पर प्रभावशाली होने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं. ऐसे में अगले साल मध्य से पहले तक व्यापक रूप से कोरोना की वैक्सीन की उपलब्धता की उम्मीद नहीं की जा सकती. हैरिस ने कहा वैक्सीन के ट्रायल का तीसरा चरण लंबा होगा. क्योंकि हमें यह देखने की जरूरत है कि वैक्सीन कितनी सुरक्षित है, और वायरस से कितना बचा सकती है. डब्ल्यूएचओ प्रवक्ता ने कहा ट्रायल के सभी डेटा को साझा किए जाने चाहिए और उनकी तुलना होनी चाहिए. बहुत से लोगों को टीका लगाया गया है और हमें यह नहीं पता कि वो वास्तव में काम करता है या नहीं. अभी हमारे पास इस बात का स्पष्ट संकेत नहीं है कि यह प्रभावी और सुरक्षित है या नहीं.

गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ और जीएवीआई वैश्विक वैक्सीन आवंटन योजना का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसे कोवैक्स के नाम से जाना जाता है. इसका उद्देश्य उचित रूप से खरीदारी और वितरण करना है. कोवैक्स का लक्ष्य 2021 के अंत तक स्वीकृत टीकों की 2 बिलियन खुराक की खरीद और वितरण करना है, लेकिन कुछ अमेरिका सहित कुछ देश इसमें शामिल नहीं हैं. मालूम हो कि रूस पहले ही वैक्सीन बनाने का दावा कर चुका है. अमेरिका एक नवंबर से इसके वितरण की तैयारी में है. दवा निर्माता कंपनी फाइजर और अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि अक्टूबर के अंत तक एक टीका वितरण के लिए तैयार हो जाएगा. यह 3 नवंबर को अमेरिकी चुनाव से ठीक पहले होगा.